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फराज की कामयाबी प्रयागराज के लिए होगी फख्र की बात, अमेरिका में कोविड-19 का टीका विकसित करने में हैं जुटे

Tue, 21 Apr 2020 01:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 21 Apr 2020 01:00 AM IST
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Faraj's success will be for Prayagraj Fakhr's talk, in the US, is busy developing Kovid-19 vaccine
prayagraj news - फोटो : prayagraj

कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए अमेरिका में टीका विकसित करने में लगे फराज जैदी को कामयाबी मिली तो पूरे प्रयागराज के लिए यह फख्र की बात होगी। फराज के पिता डॉ. इकबाल जैदी ने कहा दुनिया को कोरोना महामारी से बचाने की वैश्विक जंग फतह करने में जुटे फराज की जड़ें यहां से जुड़ी हैं। उसकी पैदाइश यहीं की है, ददिहाल ही नहीं ननिहाल भी यही है। जड़ों से जुड़कर अपनी माटी में आकर उसे खुशी मिलती है।



फराज जैदी अमेरिका के फिलाडेल्फिया की बायोमेडिकल कंपनी विस्टार के प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। उनकी टीम चूहों पर वैक्सीन का परीक्षण कर चुकी है। पहले चरण में वह सफल हैं। अब इंसानों पर परीक्षण कर पता लगाया जा रहा है कि वह कितनी कारगर है। उम्मीद है कि जल्द सफलता मिलेगी। लोगों को कोरोना महामारी से सिर्फ टीका लगाकर बचाया जा सकेगा। 

प्रयागराज में फूलपुर की मिट्टी में पले बढ़े फराज के पिता डॉ. इकबाल ने मुंबई से बताया कि बेटे फराज को इलाहाबाद (प्रयागराज) बहुत भाता है। वह जब आता है तो यहां दादा, नाना के साथ अन्य रिश्तेदारों के साथ चचेरे, ममेरे भाई बहनों के साथ व्यस्त रहता है। उन्होंने बताया कि जिस अनुसंधान में फराज लगा है वह उनके साथ प्रयागराज के लिए भी गौरव की बात है।

Faraj's success will be for Prayagraj Fakhr's talk, in the US, is busy developing Kovid-19 vaccine
कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala

डॉ. इकबाल के मुताबिक उनके बेटे फराज का जन्म ननिहाल में हुआ। तब उसके नाना-नानी शौकत अली मार्ग पर इस्लामियां कॉलेज के पास रहते थे। फिर नाना ने करेली में घर बना लिया। उनका आना जाना बना रहा, बुजुर्ग रहे नहीं और  उसके दोनों मामा दिल्ली शिफ्ट हो गए, लेकिन करेली वाला घर अभी है। उन्होंने बताया कि फराज को बचपन में ननिहाल के साथ ददिहाल का प्यार मिला। वह बड़ा हुआ तो शिक्षा मुंबई में ही हुई, लेकिन इलाहाबाद से उसका लगाव अभी बना है। 

डॉ. इकबाल के मामा के लड़के सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मुश्ताक काजमी फराज की शुरुआती कामयाबी से बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि यह फख्र की बात है कि वह दुनिया को कोरोना जैसी महामारी से बचाने के लिए काम कर रहा है। सपा नेता विनोद चंद दुबे कहते हैं कि प्रयागराज की माटी का लाल इतना बड़ा काम कर रहा है, यह जानकर सीना गर्व से चौड़ा हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि फराज अपने लक्ष्य को हासिल कर लेगा।

Faraj's success will be for Prayagraj Fakhr's talk, in the US, is busy developing Kovid-19 vaccine
corona - फोटो : social media

दिसंबर 18 में फराज आया था यहां

सपा नेता मुश्ताक काजमी बताते हैं कि वर्ष 2017 में फराज उनके बेटे आसिफ काजमी की शादी में यहां आया था। कुछ दिन रुका फिर वर्ष 2018 के दिसंबर में उसकी शादी में यहां से बाराती और रिश्तेदारों को लेकर वह बिलासपुर गए थे। इसके बाद वह यहां आया था। वैसे फराज जिले के गंगापार इलाके में बरना नदी का पुल पार करते ही छोर के सरवाडीह गांव में अभी भी फराज की पुश्तैनी जायदाद है। वहां उसके दादा, परदादा रहते थे। पिता डॉ. इकबाल का आना जाना बना है।  

सुर्खा अमरूद हैं फराज की पसंद

फराज का प्रयागराज में आना रिश्तेदारों के लिए किसी जलसे से कम नहीं होता है। परिवार के बीच में घुलमिल कर घर की बातों में ही समय बीत जाता है। मुश्ताक बताते हैं कि आमतौर पर फराज ठंड में ही यहां आते हैं। पिछले साल नहीं आए अब प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं। उन्होंने बताया कि यहां के सुर्खा इलाहाबादी अमरूद फराज की पहली पसंद हैं। 

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Faraj's success will be for Prayagraj Fakhr's talk, in the US, is busy developing Kovid-19 vaccine
कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला

एमएलएन मेडिकल कॉलेज के छात्र थे फराज के पिता डॉ. इकबाल जैदी

वैश्विक महामारी कोविड-19 की वैक्सीन बनाने को अनुसंधान में जुटे वैज्ञानिक फराज जैदी के पिता डॉ. इकबाल जैदी मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के छात्र रहे हैं। वह एमबीबीएस 1973 बैच के छात्र थे। वह 77 के पास आउट हैं और 1978 में ट्रेनिंग कर मुंबई चले गए। मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष डॉ. सरिता बजाज, डॉ. एके बंसल और डॉ. आनंद मिश्रा जैसे चिकित्सक डॉ. इकबाल के सहपाठी रहे हैं।

उन्होंने बताया हर वर्ष उनका प्रयागराज आना तय होता है। वैसे भी वह मेडिकल कॉलेज के पुरा छात्र सम्मेलन में शामिल होने जरूर आते हैं, इस बार भी आए थे। जहां पुराने दोस्तों, सहपाठियों से मिलकर खुशी दोगुनी हो गई थी। फोन पर लंबी बातचीत के अंत में डॉ. इकबाल ने कहा कि फराज होनहार बच्चा है। वह जिस काम में जुटता है, उसे पूरी लगन से करता है। उन्होंने कहाकि उनकी दुआएं उसके साथ हैं, वह जरूर कामयाब होगा और अपने जन्म स्थान का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेगा।
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