कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने चार प्रकार की साीधी भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कार कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। साथ ही समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2017 के अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गई है। इस बाबत आयोग के सचिव जगदीश ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
कोरोना वायरसः यूपीपीएससी ने स्थगित किए सभी इंटरव्यू, उत्तरपुस्तिकाओं का अवलोकन भी टला
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इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पीडियाट्रिक्स के पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार 25, 26 एवं 27 मार्च को प्रस्तावित था। आयोग ने यह साक्षात्कार भी स्थगित कर दिया है। वहीं, आयोग ने 19 मार्च को आरओ/एआरओ-2017 के चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम जारी किया था, उसे भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
सत्यापन का कार्यक्रम 26 मार्च से तीन अप्रैल तक प्रस्तावित था। सचिव जगदीश का कहना है कि सभी इंटरव्यू और अभिलेख सत्यापन के नए कार्यक्रम की घोषणा भविष्य में यथासमय की जाएगी।
सिर्फ डाक से अभिलेख भेजें अभ्यर्थी
आयोग के सचिव जगदीश ने सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिए हैं कि उन्हें आयोग में जो भी अभिलेख भेजने हों, वे केवल डाक के माध्यम से ही भेजें। व्यक्तिगत रूप से लोक सेवा आयोग कार्यालय में संपर्क न करें और विभिन्न सूचनाओं के लिए आयोग की वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें।
गौरतलब है कि आयोग ने पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा के उन अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए अतिरिक्त अवसर दिया है, जिन्होंने निर्धारित समय में शुल्क तो जमा कर दिया लेकिन आवेदन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके।
ऐसे अभ्यर्थियों को आवेदन की हार्ड कॉपी 26 मार्च को शाम पांच बजे तक आयोग को डाक के माध्यम से या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जमा करनी है, लेकिन अब अभ्यर्थियों को डाक के माध्यम से आवेदन की हार्डकॉपी भेजनी होगी।
नियुक्ति के लिए करना होगा लंबा इंतजार
आरओ/एआरओ-2017 के चयनितों का अभिलेख सत्यापन अगर तीन अप्रैल तक पूरा हो जाता तो अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल जाती। चयनितों को अब नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना होगा। हालात सामान्य होने के बाद आयोग अभिलेख सत्यापन की तिथि फिर से जारी करेगा।
आरओ/एआरओ के 809 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जबकि अंतिम रूप से 663 पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया, क्योंकि बाकी पदों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले। आयोग को कुल 663 अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन करना है, जिसमें कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियुक्ति मिलेगी।
उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन भी टला
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2018 के तहत जिन अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए 26 मार्च एवं नौ अप्रैल की तिथि प्रदान की गई थी, कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर इन दोनों तिथियों पर उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन स्थगित कर दिया गया है।इन अभ्यर्थियों को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में और सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत कॉपी देखने के लिए तिथि दी गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक अरविंद कुमार मिश्र के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं के अवलोकन के लिए नई तिथि की सूचना बाद में विज्ञप्ति के माध्यम से दी जाएगी। अभ्यर्थी अगली तिथि के लिए आयोग की वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें।