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लॉकडाउन में घरों से देवी मंदिरों तक नवरात्र अनुष्ठानों की पूर्णाहुति

Fri, 03 Apr 2020 01:00 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 03 Apr 2020 01:00 AM IST
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Completion of Navratri rituals from homes to goddess temples in lockdown
लाकडाउन के दौरान रामनवमी पर जानसेनगंज स्थिम राममंदिर में पूजा करता पुजारी। - फोटो : prayagraj

कोरोना महामारी के खौफ से लॉक डाउन के बीच बृहस्पतिवार को वासंतिक नवरात्र की महानवमी को घरों से लेकर शक्तिपीठों तक भगवती दुर्गा के स्वरूपों की सविधि आराधना के साथ ही अनुष्ठानों की पूर्णाहुति की गई। लॉक डाउन के पालन की वजह से श्रद्धालु इस महापर्व पर घरों से नहीं निकले। पुजारियों ने मंदिरों में मां के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री का शृंगार किया और इसके बाद हवन कुंड में पूर्णाहुति की। इसी तरह घर-घर में नवरात्रि के नौ दिवसीय अनुष्ठानों की पूर्णाहुति की गई और मां से सर्वमंगल की कामना की गई।




यह पहला मौका था जब देवी मंदिरों की राहों पर लंबी कतारों की जगह सन्नाटा छाया रहा। श्रद्धालुओं ने घरों में ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां डालीं। नवरात्र व्रत रखने वालों ने नौ दिवसीय व्रत के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री से घर-परिवार, समाज से लेकर पूरे राष्ट्र के मंगल और कल्याण की मां के सामने अरजी लगाई। मीरापुर में मां ललिता देवी के मंदिर में पुजारी शिवमूरत मिश्र के आचार्यत्व में शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। इसी तरह महाशक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में भी पुजारी सुशील पाठक एवं श्यामजी पाठक की देखरेख में मां दुर्गा ने नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री का शृंगार किया गया।

  • फोन-वीडियो कॉल के जरिए वासंतिक नवरात्रि पर ऑनलाइन पूजा
  • पुरोहितों ने वीडियो कालिंग के जरिए किया मंत्रोच्चार, घर बैठे भक्तों ने डाली आहुतियां

लॉकडाउन के बीच महानवमी पर वासंतिक नवरात्रि के नौ दिवसीय अनुष्ठान की कई जगह ऑन लाइन पूर्णाहुति की गई। घर बैठे यजमानों ने पुरोहितों से संपर्क किया और वीडियो कॉलिंग के अलावा पोन पर ऑनलाइन पूजा,आरती की। ऑनलाइन मंत्रोच्चार के ासथ आहुतियां भी डाली गईं। पुरोहित ऑनलाइन मंत्र बोलते रहे और घरों में हवन कुंडों पर बैठे लोग परिवार के सदस्यों के साथ आहुति देते रहे।

सनातनधर्मी परिवारों में पहली बार नवरात्रि की महानवमी पर ऑन लाइन पूजा की होड़ मची रही। सुबह से ही यजमान वीडियोकॉल और फोन कॉल पर बैठ गए। मीरापुर स्थित मां ललिता देवी मंदिर में नौै दिवसीय शतचंडी यज्ञ का संकल्प लेकर बैठे शहर के जाने माने बिल्डर संजीव अग्रवाल ने घर बैठे ऑनलाइन पूर्णाहुति की। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा ने बताया कि पुजारी शिवमूरत मिश्र के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों ने मोबाइल फोन पर वीडियो कॉल के जरिए पूजा विधान कराने के बाद मंत्रोच्चार के साथ पूर्णहुति कराई।


इसी तरह मीरापुर के ही पं ओम नारायण भी सुबह से ही ऑनलाइन पूजा कराने में व्यस्त रहे। उन्होंने फोन पर ही मंत्रोच्चार कर दुर्गासप्तशती, नवचंडी और शतचंडी पाठ की पूर्णाहुति कराई। उन्होंने बताया कि यजमान नवरात्रि के पहले दिन ही अच्छत,पुष्प के साथ संकल्प लेकर घरों पर पाठ कर रहे थे। इसी तरह जार्जटाउन, टैगोर टाउन के आवा अशोकनगर में भी लोगों ने ऑनलाइन पूजा की।

ऑनलाइन 250 लोगों की कुंडली देखी 
लॉक डाउन के बीच ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र ने पिछले 24 घंटे के दौरान देश भर के 250 से अधिक लोगों की ऑनलाइन कुंडली देखी। साथ फल विचार भी व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि नासिक, नागपुर, इंदौर, दिल्ली, गाजियाबाद, जयपुर, पटना समेत कई इलाकों से लोगों ने रात एक बजे तक फोन पर कुंडली के फलित की जानकारी ली।

मां के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री का हुआ शृंगार, सर्वमंगल की कामना से पुजारियों ने कराया हवन 

Completion of Navratri rituals from homes to goddess temples in lockdown
नवरात्र की नवमी पर ललिता देवी मंदिर में पूजन करता पुजारी। - फोटो : prayagraj

अलोपशंकरी मंदिर में भी मां की सविधि पूजी आरती की गई, लेकिन बाहर से ताला बंद रहा। गिनती के पुजारी ही भीतर प्रवेश कर सके। चौक गंगादास स्थित खेमामाई मंदिर में पुजारिन कंचन मालवीय की मौजूदगी में मां की आराधना की गई। शृंगार के बाद विश्व के कल्याणा के लिए मां से प्रार्थना की गई। इसी तरह सिविल लाइंस हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, सुल्तानपुर भावा काली मंदिर, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर, पानी टंकी अष्टभुजी माता मंदिर, कटरा कालीथान, कर्नलगंज कालीबाड़ी आदि देवी मंदिरों में भी पुजारियों ने महानवमी की पूर्णाहुति कराई।
 

राम नवमी पर श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में विश्व कल्याण के लिए आहुति

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नवरात्र पर हवन करते श्रद्धालु - फोटो : prayagraj

महानवमी पर बृहस्पतिवार को 51 वेदपाठी ब्राह्मणों ने बाघंबरी गद्दी मठ में कोरोना महामारी के नाश और विश्व में मंगल की कामना से आहुति दी गई। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौजूदगी में वैदिक आचार्यों ने मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान पूर्ण कराया। इसी के साथ नौ दिन से चल रहे शतचंडी यज्ञ की भी पूर्णाहुति भी हुई।

 


लॉक डाउन के बीच रामनवमी का पर्व पूरे देश के साथ ही संगमनगरी प्रयागराज में भी सादगी के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर पुजारी मंदिरों और रामभक्त घरों में ही पूजा.अर्चना कर कोरोना वायरस के नाश होने और सभी के सुरक्षित रहने की प्रार्थना कर रहे हैं। लॉक डाउन की वजह से मंदिरों के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। लिहाजा लोग घरों या आश्रमों में ही पूजा.अर्चना कर रहे हैं। संगम नगरी प्रयागराज में इस मौके पर निरंजनी अखाड़े के बाघम्बरी मठ में कोरोना वायरस के खात्मे के लिए विशेष पूजा अर्चना की गई। चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन रामनवमी पर हुए इस अनुष्ठान में भगवान राम और मां दुर्गा से देश और संपूर्ण मानव जाति को कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाने की प्रार्थना की गई। महंत नरेंद्र गिरी ने राम भक्तों को राम नवमी की बधाई दी।

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विजय महामंत्र का जाप कर विहिप ने मनाई रामनवमी

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लाकडाउन के दौरान बृहस्पतिवार को घरों में पूजी गईं कन्याएं। - फोटो : prayagraj
  • शाम सात बजे विहिप पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने घर के बाहर जलाए दीपक

 विजय महामंत्र (श्री राम जय राम जय जय राम) का 108 बार जाप कर विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने रामनवमी मनाई। विहिप के अधिकांश कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने आवास पर ही यह पर्व मनाया। इस दौरान शाम को सात बजे विहिप से जुड़े लोगों ने अपने-अपने घर के बाहर दीप भी प्रज्ज्वलित किया।


विहिप के अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने पिछले माह 30 मार्च को ही विहिप के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं संतों से आह्वान किया था कि वह इस बार रामनवमी का पर्व अपने घरों में ही मनाए। कोरोना वायरस की वजह से रामनवमी मेें सामूहिक आयोजन न किए जाए। विहिप पदाधिकारियों ने इस पर अमल भी किया। अपने घरों में ही विहिप से जुड़े लोगों ने रामनवमी का पर्व मनाया। इस दौरान कुछ मंदिरों में भी दीप प्रज्ज्वलन किया गया। ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से कुछ मंदिरों में रामचरित्र मानस के ऑडियो भी चलाए गए।


विहिप के प्रयाग विभाग के संगठन मंत्री अमित पाठक ने बताया कि विहिप के साथ हिंदू समाज के सभी लोगों ने अपने घरों में ही रामनवमी मनाई। इस दौरान शाम सात बजे लोगों ने अपने घरों में दीप भी जलाए। उधर विहिप के प्रांत कार्यालय में कार्यालय प्रभारी सुनील सिंह के नेतृत्व में पूजन अर्चन कार्यक्रम हुआ।

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नवमी पर संदेश: घर बैठे करें रामनाम की कमाई

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मातृ नवमी पर बृहस्पतिवार को कन्याओं की पूजा की गई। - फोटो : prayagraj

रामनवमी पर बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस की वजह से लॉक डाउन के कारण भक्तों ने घर पर ही रामजन्मोत्सव मनाया। महामारी से रक्षा के लिए न लोगों ने रामनाम की पूंजी भी जुटाई। ग्रह नक्षत्र ज्योतिष शोध संस्थान की अध्यक्ष गुंजन वार्ष्णेय और ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय ने रामनाम की कमाई को लगातार बढ़ाते रहने की रामभक्तों को प्रेरणा दी।आशुतोष ने बताया कि इस संकट की घड़ी से पार उतरने के लिए सिर्फ रामननाम ही सहारा है। ऐसे में घर बैठे पुस्तिका पर रामनाम लिखते रहें। 

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