संगम पर रविवार की शाम छठ पर्व की छटा सूर्योपासना के लोकोत्सव के रूप में निखर कर हर किसी को निहाल कर गई। ढोल नगाड़े की गूंज के बीच गंगा जल के बीच खड़ी व्रती महिलाओं ने अखंड सुहाग, संतान और समृद्धि की कामना से अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
संगम से लेकर किला घाट तक कतारबद्ध वेदियों पर सौभाग्य का डाला सजाने के लिए दोपहर बाद से ही व्रती महिलाओं की भीड़ लगने लगी। पूजा के बाद सिर पर फलों, फूलों और पकवानों के प्रसाद से भरा डाला लेकर परिजन घरों से निकले। नए परिधानों में सज धज कर व्रतियों की भीड़ इसी तरह घाटों पर पहुंचती रही। वहां वेदियों पर गन्ने के मंडप के बीच दीप जलाकर भगवान भास्कर की आराधना शुरू हो गई।
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Chhath Puja 2022 : प्रयागराज में बलुआ घाट पर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देतीं व्रती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला।
माथे पर अखंड सौभाग्य के रूप में सिंदूर का टीका लगाकर व्रती महिलाएं सूर्यास्त की प्रतीक्षा करती रहीं। रविवार की शाम सर्व मंगल की कामना के लिए गंगा-यमुना के तटों पर आस्था का सैलाब उमड़ा तो कुछ देर के लिए भक्ति का सागर इसी तरह उमड़ने-घुमड़ने लगा। भगवान भास्कर के अस्त होने से पहले ही संगम पर ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ आतिशबाजी होने लगी और डूबते सूर्य को अपनी-अपनी कामनाओं के अर्घ्य समर्पित किए जाने लगे।
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Chhath Puja 2022 : प्रयागराज में बलुआ घाट पर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देतीं व्रती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला।
षष्ठी मइया की आराधना की गीतों के साथ लोक उत्सव की छटा निहारने के लिए तांता लगा रहा।इसी तरह रामघाट, दशाश्वमेध घाट, शंकर घाट के अलावा अरैल और झूंसी में भी गंगा-यमुना के तटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रतियों की भीड़ लगी रही। एक तरफ अर्घ्यदान और दूसरी ओर ढोल-नगाड़ों पर व्रतियों के परिजन थिरकते नजर आए। तटों पर हर तरफ उत्सवी माहौल रहा।
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Chhath Puja 2022 : प्रयागराज में बलुआ घाट पर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटे श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला।
संगम पर टेंट लगाकर व्रतियों ने परिजनों के साथ वेदियों पर किया कैंप
सूर्य षष्ठी की आराधना के लोकोत्सव संगम पर भक्ति के रंग में खूब गाढ़ा हुआ। रविवार की शाम प्रथम अर्घ्य देने के बाद बड़ी तादाद में व्रती महिलाएं अपनी वेदियों पर अखंड दीप जलाकर रात भर आराधना में जुटी रहीं। इस दौरान जगह-जगह टेंट लगाकर व्रतियों ने परिजनों के साथ वेदियों पर कैंप किया। रात भर छठ माता की स्तुति होती रही और मंगल कामना के गीत गूंजते रहे।
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Chhath Puja 2022 : प्रयागराज में बलुआ घाट पर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटे श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला।
डाला छठ पर झूंसी के गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
डाला छठ पर्व पर रविवार की शाम झूंसी के गंगा घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। झूंसी के तीन घटों पर डाला छठ का पूजन किया गया। इसके लिए झूंसी के गंगा घाटों पर प्रशासन की ओर से विशेष तैयारियां की गईं थीं। इससे पहले छठ महापर्व के दूसरे दिन शनिवार को सिद्धयोग व तथा रवियोग में खरना के पूजा के बाद व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया था। खीर और रोटी का महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रती दो दिनों के लिए भगवान भास्कर के भक्ति में लीन हो गईं हैं।