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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 08 Mar 2020 01:10 AM IST
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मुंबई- फेल होने पर छात्रा ने की खुदकुशी
- फोटो : Youtube
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नौकरी न मिलने की कुंठा ने एक छात्र की जान ले ली। करीब छह सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा एक छात्र शनिवार की शाम फांसी पर लटक गया। उसने सुसाइड नोट में लिखा ‘ मैं नौकरी नहीं पा सकता’। सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। परिवार वाले भी भदोही से रोते बिलखते पहुंच गए थे।
भदोही का रहने वाला अखिलेश कुमार मौर्य (28) विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। अखिलेश पिछले छह सालों से राम प्रिया रोड छोटा बघाड़ा में रह रहा था। पास में ही उसकी बुआ के दो बेटे रहते हैं। शाम को वह बुआ के बेटे विनय के घर पहुंच गया। विनय कुछ काम से बाहर गया था। उसका छोटा भाई पांच बजे लाइब्रेरी चला गया। इसी बीच अखिलेश ने विनय के कमरे में फांसी लगा ली। देर शाम जब विनय का भाई लाइब्रेरी से कमरे पहुंचा तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
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- फोटो : demo pic
उसने आस पास के लड़कों को बताया। पुलिस ने आकर दरवाजा तोड़ दिया। अंदर अखिलेश फांसी पर लटक रहा था। बगल में उसने एक सुसाइड नोट लिखा था। ‘अब मैं नौकरी नहीं पा सकता। मैं पूरी तरह ऊब गया हूं। घर वालों का सामना नहीं कर सकता। उन्हें मैं क्या बताऊं। विनय भाई मुझे माफ कर देना। तुम्हारे कमरे में मैने यह कर दिया। मैं पिछले कई दिनों से खुदकुशी की सोच रहा था। मौका नहीं मिल रहा था। मेरी मौत के लिए किसी को परेशान न किया जाय।’ अखिलेश के घर वालों को फोन कर बताया गया। उन लोगों ने बताया कि अखिलेश को होली पर घर आना था। उसने आने के लिए फोन किया था। वे भी रात में रोते बिलखते यहां पहुंच गए।
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बाहर होली खेल रहे दोस्तों से कहा, रंग न लगाओ, कहीं जा रहा हूं
प्रयागराज। अखिलेश फांसी लगाने से ठीक पहले चौराहे चाय की दुकान पर बैठे दोस्तों के पास गया था। वहां उसके दोस्त उसे रंग लगाने लगे लेकिन उदास अखिलेश ने कहा कि उसे रंग लगाओ, कहीं जाना है। उसे उदास देखकर दोस्तों ने भी बिना रंग लगाए छोड़ दिया था।
छह महीने में एक दर्जन से अधिक ने लगाई फांसी
प्रयागराज। शहर में तैयारी कर रहे एक दर्जन से अधिक प्रतियोगी छात्रों ने पिछले छह महीने में फांसी लगा ली। इन छात्रों में कामन बात यह थी कि वे लंबे समय से यहां रहकर तैयारी कर रहे थे। अधिकांश ने सुसाइड नोट में नौकरी न मिलने या बेरोजगारी के कारण कुंठित होने की बात लिखी थी।
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