प्रशासन, पीडीए और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को सिविल लाइंस में ईट ऑन समेत पांच मांसाहारी रेस्टोरेंट जमींदोज कर दिए गए। ईट ऑन का नवाब यूसुफ रोड स्थित कारखाना भी सील किया गया। यहां से खराब होने योग्य खाद्य सामग्री हटवाई गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने लिए खाद्य पदार्थों के नमूने सील कर जांच के लिए भेजे हैं।
प्रयागराज में ईट ऑन समेत पांच मांसाहारी रेस्टोरेंट जमींदोज, कोरोना का बहाना, अतीक अहमद पर निशाना
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अफसरों ने क्लाइव रोड पर केके सेल्स के सामने सड़क पर बिरयानी आदि मांसाहार की बिक्री कर रहे दो अन्य रेस्टोरेंट भी ध्वस्त कराए। नवाब यूसुफ रोड पर ईट ऑन के कारखाने को सील कराया गया। कारखाने पहुंचे खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों ने लिए खराब होने वाली खाद्य सामग्री हटवा दी। बिरयानी, रायता के साथ कच्चे मांस समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने सील कर जांच के लिए भेजे हैं।
पीडीए के ओएसडी आलोक पांडेय के मुताबिक खुले में बिरयानी आदि की बिक्री से प्रदूषण बढ़ रहा था। सड़क पर जाम की समस्या बनी रहती थी। कई बार चेतावनी और जुर्माने के बाद भी रेस्टोरेंट संचालक नहीं चेते।
शिकायतों को नजरंदाज करने और सेटबैक में अवैध निर्माण कर रेस्टोंरेंट चलाने पर यह कार्रवाई की गई है। कार्रवाई में आरएएफ के साथ सिविल लाइंस सीओ बीएन सिंह के साथ पांच थानों की फोर्स, एसीएम प्रथम गौरव रंजन श्रीवास्तव, एसीएम द्वितीय प्रेम चंद्र मौर्य, अधिशासी अभियंता नगर निगम आशीष त्रिवेदी, उप प्रभारी अतिक्रमण मनोज यादव, पीडीए और नगर निगम के प्रवर्तन दल कर्मचारी शामिल रहे।
कोरोना संक्रमण के नाम पर अतीक, अशरफ पर निशाना
ईट ऑन संचालक के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पिछले दो वर्ष से लंबित है। कभी अतिक्रमण, कभी अवैध निर्माण तो कभी प्रदूषण लेकिन बात नोटिस और जुर्माना वसूली से आगे कार्रवाई नहीं बढ़ी। कार्रवाई के दौरान जितने भी विभाग के अफसर मौके पर रहे सबके बयान अलग-अलग रहे। खाद्य औषधि प्रशासन विभाग इसे कोरोना संक्रमण और प्रदूषण से लोगों को बचाने की बात कहते रहे, वहीं पीडीए अफसर रोड बाइंडिंग और सेट बैक कवर कर बिना अनुमति कारोबार किए जाने के बयान देते रहे।