कुंभ में साधु-संतों के शाही ठाट-बाट भी देखने को मिलेंगे। हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड, शरीर पर भस्मी, गले में रुद्राक्ष- तुलसी और स्फटिक की मालाएं धारण करने वाले संतों की एक अलग चकाचौंध भरी दुनिया नजर आएगी। शिविरों में धूनी रमाने वाले नागा संन्यासियों, उदासियों, बैरागियों के बीच कुछ संत संत फाइव स्टार सुविधा वाले कॉटेज में भक्तों दर्शन देंगे। इन संतों की झोपड़ियों में वह सारी सुविधाएं मिलेंगी, जो फाइव स्टार सुविधा वाले होटलों में उपलब्ध होती हैं। श्रीशंभू पंच अग्नि अखाड़े में ऐसे दर्जन भर लग्जरी कॉटेज जल्द तैयार हो जाएंगे।
कुंभ 2019: साधु-संतों के लिए फाइव स्टार झोपड़ियों का निर्माण, तस्वीरों में देखें निराले ठाट बाट
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गंगा पार सेक्टर-16 में बसे अखाड़ों शिविरों में इस बार तपस्वी संतों के रहन-सहन के निराले अंदाज विश्व भर से कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं, विदेशी अतिथियों, पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। संतों के लिए शाही ठाट बाट वाले कॉटेज की सुविधा देने में श्रीशंभू पंच अग्नि अखाड़े ने सबको पीछे छोड़ दिया है। इस शिविर में शंभू पंच अग्नि अखाड़े के सभापति के अलावा सचिव तपोनिष्ठ अग्निहोत्री महंत संपूर्णानंद ब्रह्मचारी के लिए तीन लग्जरी कॉटेज बनाए जा रहे हैं। इनके अलावा शीर्ष संतों-पदाधिकारियों के लिए भी गुजरात की कंपनी कॉटेज का निर्माण करा रही है। अखाड़े के सभापति स्वामी मुक्तानंद महाराज ने लग्जरी कॉटेज निर्माण का ठेका जूनागढ़ की कंपनी विराट फैब्रीकेशन को दिया है। इस कंपनी के निदेशक इमरान खान अपने कारीगरों के साथ कॉटेज निर्माण के लिए कैंप कर रहे हैं।
खान के मुताबिक अग्नि अखाड़े के अलावा जूना अखाड़े के शिविर में भी एक कॉटेज बनाने का आर्डर उनको मिला है। फिलहाल अग्नि अखाड़े के शिविर मेंफाइवर और सीमेंटेड शीट से कॉटेज बनाए जा रहे हैं। इसकी फर्श पर टाइल्स लगाई जा रही है। इसके बाथरूम किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं होंगे। इसमें ब्लोवर, गिजर के अलावा अन्य सुविधाएं रहेंगी। ड्राइंग रूम की भव्यता देखते बनेगी। इसमें ब्रांडेड डबल बेड के अलावा सोफा, टेबल, कुर्सियां और मेजें सजाई जाएंगी। बाहर ध्यान, जप, तप के लिए खूबसूरत लॉन भी होगी। इस लॉन में गेंदा, गुलाब व कई तरह के देसी-विदेशी फूलों के गमले सजाए जाएंगे।
स्वामी मुक्तानंद महाराज, सभापति, श्रीशंभू पंच अग्नि अखाड़ा का कहना है कि, हमने अपने अखाड़े के संतों को उच्च कोटि की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार से किसी तरह की सुविधा नहीं ली गई है। लग्जरी कॉटेज अखाड़े की ओर से ही बनवाए जा रहे हैं, ताकि संत कुंभ में सनातन संस्कृति पर निर्विघ्न रूप से मनन-चिंतन कर सकें।