सुर-लय-ताल की त्रिवेणी बही तो बहती गई। सुरों के साथ मासूमों का अफसाना देखते बना। हर चेहरे पर मंच पर चढ़ने की बेताबी और बेकरारी थी। मौका था पांच दिवसीय अमर उजाला कर्निवॉल की आखिरी निशा का। नवांकुर कलाकारों के हुनर का जादू देर रात तक सिर चढ़कर बोला।
बतौर मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी, विशिष्ट अतिथि एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव और ठाकुर हर नारायण सिंह ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक उदय प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कर्निवॉल की आखिरी संगीत निशा का शुभारंभ किया। महापौर ने कहा कि यह कर्निवॉल नए कलाकारों को अवसर देने वाला शहर का पहला मंच बन गया है।
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अमर उजाला कर्निवॉल के मंच से सामूहिक छठ गीत प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला।
एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव का कहना था कि इस ज्योति पर्व से पहले शहरवासियों को खुशियों की सौगात देने की अमर उजाला की पहल सराहनीय है। विशिष्ट अतिथि डॉ. उदय प्रताप ने बाल कलाकारों को तराशने की इस पहल की मुक्त कंठ से तारीफ की। इसी के साथ छठ गीतों पर आधारित शिव शक्ति फाउंडेशन के कलाकारों की प्रस्तुति से कर्निवॉल का आगाज हुआ। सन्वी राय, प्राप्ति गुप्ता और काव्या केसरवानी ने भरत नाट्यम नृत्य पर गणेश वंदना के भावों को अभिव्यक्त किया।
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अमर उजाला कर्निवॉल में पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
इनके अलावा प्रिया-शांति का कथक, शगुन गुप्ता, दक्षिता जायसवाल, माही पाहवा, अनन्या राज, अपराजिता दुबे, जक्श यादव, सृष्टि, पाखी मिश्रा, शुभंगम मालवीय, कुमार मनोज, सुधा रानी, अनामिका आनंद, मन्नू निषाद, दिविशा सिंह, जयंत और अनुपम, रचन अरोरा की प्रस्तुति सराही गई।
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अमर उजाला कर्निवाल में नृत्य की प्रस्तुति करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला।
हमारे सहयोगी
मुख्य प्रायोजक- ठाकुर हर नारायण सिंह ग्रुप ऑफ कॉलेज, पॉवर्ड बाई: लाम हर्बल, जेपी मोटर्स, सरस्वती नेक्सा, सुनहरी गोल्ड, होटल रविशा कांटिनेंटल, गिफ्ट पार्टनर- बीबीएस ग्रुप ऑफ कॉलेज और कादिर भाई आतिशबाजी वाले।
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अमर उजाला कर्नवॉल की आखिरी निशा में उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला कर्निवाल के आखिरी दिन रविवार को लोगों की भारी भीड़ रही। मंच के सामने दर्शक खचाखच भरे रहे। इसके अलावा सड़क के किनारे खड़े होकर लोगों ने बच्चों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। पूरे सिविल लाइंस इलाके को पत्थर गिरजाघर समेत सुभाष चौराहे तक सड़क के दोनों तरफ विद्युत झालकों की सजावट की गई थी। रंग बिरंगी रोशी से पूरा शहर जगमगाता रहा।