163 वर्ष पुराना इलाहाबाद जंक्शन अब ‘प्रयागराज जंक्शन’
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ईस्ट इंडियन रेलवे द्वारा बनाया गया इलाहाबाद जंक्शन अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। 163 वर्ष पुराना यह स्टेशन अब प्रयागराज जंक्शन के नाम से जाना जाएगा। इस स्टेशन का नाम बदले जाने की अधिसूचना बृहस्पतिवार की शाम जारी हो गई। अब स्टेशन पर हर जगह इलाहाबाद की जगह प्रयागराज जंक्शन ही यात्रियों को लिखा नजर आएगा। स्टेशन पर नाम बदले जाने की प्रक्रिया शुक्रवार 21 फरवरी से शुरू हो जाएगी।
इलाहाबाद जंक्शन उत्तर भारत का पहला फंक्शनल स्टेशन माना जाता है। फरवरी 1857 में यहां से कानपुर की तरफ 41.8 किलोमीटर ट्रेन ट्रायल के रूप में चलाई गई थी। तभी से यह स्टेशन अस्तित्व में आ गया, लेकिन प्रथम स्वाधीनता संग्राम के दौरान इलाहाबाद से कानपुर तक लाइन बिछाने का काम रुक गया। बाद में यह काम शुरू हुआ और तीन मार्च 1859 में इलाहाबाद से कानपुर के बीच ट्रेन संचालन शुरू होने के साथ ही यात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई। देश आजाद होने के बाद स्टेशन को नए सिरे से बनाया गया। इसकी आधार शिला 22 मार्च 1955 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने रखी। उस दौरान जंक्शन पर 108 ट्रेनों की आवाजाही दोनों ओर से होती थी। इस नए भवन के आर्किटेक्ट नारीमन श्राफ थे। उन्होंने ही नई दिल्ली स्टेशन का भी प्लान बनाया था।
स्टेशन कोड बदलने के साथ ट्रेनों में भी लिखा जाएगा प्रयागराज
इलाहाबाद जंक्शन, इलाहाबाद सिटी, इलाहाबाद छिवकी, प्रयागघाट स्टेशन का नाम बदलने के साथ ही अब इन स्टेशनों के कोड भी बदले जाएंगे। यह काम रेलवे बोर्ड को करना है। बताया जा रहा है कि रेलवे बोर्ड द्वारा इसी माह में इन स्टेशनों के कोड बदले जाने की कार्रवाई की जाएगी। इन चारों स्टेशन के कोड बदले जाने के लिए रेलवे के क्रिस सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया जाएगा।