आप प्रयागराज के बजाय किसी दूसरे जिले या फिर देश के किसी और राज्य के नागरिक हैं आपके मन में कुम्भ मेला देखने की थोड़ी सी जिज्ञासा है पर कोई ठोस निष्कर्ष न निकाल पाने के कारण आप कन्फ्यूजन में हैं कि चलें कि न चलें। तो साथियों आज हम बताएंगे कि आपको तीर्थराज प्रयाग का कुम्भ मेला क्यों देखना चाहिए।
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Kumbh Mela 2019: इन 10 चीजों का संगम देखने कुंभ जरूर आएं
Mon, 28 Jan 2019 07:10 PM IST
shubham
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: shubham
Updated Mon, 28 Jan 2019 07:10 PM IST
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kumbh photo 2019
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2- कल्पवासीयों की नगरी
कुम्भ मेले में एक बड़े हिस्से में ऐसे लोग तम्बुओं में आकर भगवान का ध्यान कर रहे हैं जो संसारिक जीवन से विमुख नही हुए हैं, हमीं आपके बीच के लोग हैं जो पूरे एक महीने सुबह संगम में स्नान करते हैं और मां गंगा को भोग लगाकर स्वयं प्रसाद रुपी भोजन ग्रहण करते हैं। साधना, आराधना और पुण्य की चाह में संगम की रेती पर निवास करने वाले श्रद्धालुओं को देखने आपको जरूर आना चाहिए।
कुम्भ मेले में एक बड़े हिस्से में ऐसे लोग तम्बुओं में आकर भगवान का ध्यान कर रहे हैं जो संसारिक जीवन से विमुख नही हुए हैं, हमीं आपके बीच के लोग हैं जो पूरे एक महीने सुबह संगम में स्नान करते हैं और मां गंगा को भोग लगाकर स्वयं प्रसाद रुपी भोजन ग्रहण करते हैं। साधना, आराधना और पुण्य की चाह में संगम की रेती पर निवास करने वाले श्रद्धालुओं को देखने आपको जरूर आना चाहिए।
Kumbh tent city
- फोटो : Social media
3- मेले की उच्च व्यवस्था देखने
मेला 45 वर्ग किलोमीटर में फैला है। पूरे क्षेत्र में लाखों लोग हमेशा रहते हैं। प्रमुख स्नान पर्व पर करोड़ों की भीड़ उमड़ती है। संगम में डुबकी लगा लेने को आतुर इस जनसमूह को स्थानीय प्रशासन कैसे मैनेज करता है, कैसे सबको स्नान और मेला भ्रमण करवा के वापस उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचा देता है, ये देखने आपको अवश्य आना चाहिए। साथ ही सगंम की रेती पर इस बार वीआईपी टेन्ट सिटी बनाया गया है जिसमें देश दुनिया के तमाम हाईप्रोफाइल लोग आकर रहेगें।
मेला 45 वर्ग किलोमीटर में फैला है। पूरे क्षेत्र में लाखों लोग हमेशा रहते हैं। प्रमुख स्नान पर्व पर करोड़ों की भीड़ उमड़ती है। संगम में डुबकी लगा लेने को आतुर इस जनसमूह को स्थानीय प्रशासन कैसे मैनेज करता है, कैसे सबको स्नान और मेला भ्रमण करवा के वापस उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचा देता है, ये देखने आपको अवश्य आना चाहिए। साथ ही सगंम की रेती पर इस बार वीआईपी टेन्ट सिटी बनाया गया है जिसमें देश दुनिया के तमाम हाईप्रोफाइल लोग आकर रहेगें।
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kumbh photo 2019
4- संगम में स्नान करने
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान का विशेष महत्व है। अनेक पुराणों में बकायदा इसके प्रमाण मिले हैं। ब्रम्हापुराण के अनुसार तो संगम स्नान अश्वमेघ यज्ञ बराबर माना जाता है। अग्निपुराण के अनुसार संगम स्नान करोड़ों गायें दान करने के बराबर फलित होता है। मत्स्यपुराण में तो कहा गया है कि जितना पुण्य 10 हजार तीर्थस्थलो की यात्रा पर मिलता है उतना संगम ही संगम में डुबकी लगाने से है। अगर आप वेद-पुराण मानते हैं तो आपको संगम में डुबकी लगाने के लिए आना चाहिए।
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान का विशेष महत्व है। अनेक पुराणों में बकायदा इसके प्रमाण मिले हैं। ब्रम्हापुराण के अनुसार तो संगम स्नान अश्वमेघ यज्ञ बराबर माना जाता है। अग्निपुराण के अनुसार संगम स्नान करोड़ों गायें दान करने के बराबर फलित होता है। मत्स्यपुराण में तो कहा गया है कि जितना पुण्य 10 हजार तीर्थस्थलो की यात्रा पर मिलता है उतना संगम ही संगम में डुबकी लगाने से है। अगर आप वेद-पुराण मानते हैं तो आपको संगम में डुबकी लगाने के लिए आना चाहिए।
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Kumbh 2019
5- साइबेरिया से आए पक्षियों की खूबसूरती देखने
आप जहां हैं उससे हजारों किलोमीटर दूर से खूबसूरत पक्षी काफी संख्या में संगम पर आए हैं। जो श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता का केन्द्र बने रहते हैं। लोग इन्हें इनका भोजन खिलना भी बड़ा दान समझते हैं। रात को तो इनकी खूबसूरती चार गुना और बढ़ जाती है। संगम की चमक-दमक के ये भी एक बड़े हिस्सेदार हैं।
आप जहां हैं उससे हजारों किलोमीटर दूर से खूबसूरत पक्षी काफी संख्या में संगम पर आए हैं। जो श्रद्धालुओं के बीच उत्सुकता का केन्द्र बने रहते हैं। लोग इन्हें इनका भोजन खिलना भी बड़ा दान समझते हैं। रात को तो इनकी खूबसूरती चार गुना और बढ़ जाती है। संगम की चमक-दमक के ये भी एक बड़े हिस्सेदार हैं।