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Jammu Accident: दादा वीरपाल के साथ ही अंतिम सफर पर गया लाडला यश... एक ही चिता पर दोनों को दी मुखाग्नि
Mon, 03 Jun 2024 11:21 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Jun 2024 11:21 AM IST
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Jammu akhnoor Accident
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू बस हादसे में मारे गए मासूम यश सहित पांच लोगों के साथ एंबुलेंस के जरिए रात करीब ढाई बजे गांव नगला उदय सिंह पहुंचे। शवों के पहुंचते ही वहां हाहाकार मच गया। दादा की गोद में बैठकर जाने वाले यश का शव उसके दादा की गोद में ही था। यह मंजर देख चीख-पुकार मच गई। करुण क्रंदन से हर आंख नम हो गई।
Jammu akhnoor Accident
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार, दादा वीरपाल अपने नाती यश को अपने साथ तीर्थ यात्रा पर लेकर गए थे। यात्रा शुरू होने से लेकर हादसे तक यश ने अपने दादा की गोदी में बैठकर ही सफर किया था। जीवन के अंतिम सफर तक नाती ने दादा का हाथ नहीं छोड़ा। हादसे के बाद जब शव निकाले जाने लगे तो यश दादा की गोद में ही मृत अवस्था में था। आखिरी विदाई भी परिजनों ने दोनों को एक साथ ही दी। दादा-नाती का एक साथ अंतिम संस्कार किया।
Jammu akhnoor Accident
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने बताया कि यश को दफनाने के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन बाद में निर्णय बदल दिया गया। परिजनों ने दादा-नाती के अटूट प्यार को देखते हुए दोनों के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया।
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Jammu akhnoor Accident
- फोटो : अमर उजाला
मां को बेटे की मौत की सुबह दी जानकारी
यश की मौत की खबर उसकी मां मंजू को नहीं दी गई थी। हैरानी की बात यह रही कि मंजू को उसकी बेटे की मौत की खबर शव के आने के बाद भी नहीं दी गई। अंतिम संस्कार के 30 मिनट पहले मंजू को इसकी जानकारी दी गई। जैसे ही उसे बेटे की मौत की जानकारी हुई वह सुध-बुध खो बैठीं। यह मंजर देख हर कोई द्रवित था।
यश की मौत की खबर उसकी मां मंजू को नहीं दी गई थी। हैरानी की बात यह रही कि मंजू को उसकी बेटे की मौत की खबर शव के आने के बाद भी नहीं दी गई। अंतिम संस्कार के 30 मिनट पहले मंजू को इसकी जानकारी दी गई। जैसे ही उसे बेटे की मौत की जानकारी हुई वह सुध-बुध खो बैठीं। यह मंजर देख हर कोई द्रवित था।
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Jammu akhnoor Accident
- फोटो : अमर उजाला
चार मिनट में चार चिताओं की दी मुखाग्नि
नगला उदय सिंह गांव में चार चिताओं को तैयार किया गया था। रविवार सुबह 6.28 बजे चिताओं को मुखाग्नि देना शुरू किया गया। 6.32 बजे सभी चिताओं को अग्नि के हवाले कर दिया गया। गांव में एक साथ चार चिताओं को देख हर कोई गमजदा था।
नगला उदय सिंह गांव में चार चिताओं को तैयार किया गया था। रविवार सुबह 6.28 बजे चिताओं को मुखाग्नि देना शुरू किया गया। 6.32 बजे सभी चिताओं को अग्नि के हवाले कर दिया गया। गांव में एक साथ चार चिताओं को देख हर कोई गमजदा था।