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Hathras Rape Case: पिता ने अफसरों से पूछा, बिटिया का चेहरा क्यों नहीं दिखाया, किसका था शरीर, अधिकारी मौन
Sun, 04 Oct 2020 09:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 04 Oct 2020 09:10 AM IST
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Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस के चंदपा की बिटिया के घर पर शनिवार को पहुंचे उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) व पुलिस महानिदेशक ने बिटिया के पिता से हाथ जोड़कर कहा कि आप ही बवाल रुकवा सकते हो। शांति व्यवस्था बनाने में हमारा सहयोग कर दो। इस पर बिटिया के पिता भी हाथ जोड़कर बोले- साहब, आप ही हमें न्याय दिला सकते हो। दोनों आला अफसरों ने उनको इसका भरोसा दिलाया।
पीड़िता के परिवार से बात करते अपर मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
करीब 40 मिनट तक वहां रहे दोनों अफसरों पर सरकारी रवैये से आहत बिटिया के परिजनों सवालों की झड़ी लगा दी। पीड़ित के परिवार ने इन अफसरों के सामने सवालों की बौछार शुरू कर दी। इससे स्थिति असहज हो गई। पीड़ित परिवार ने साफ कर दिया कि सवालों का जवाब नहीं दे सकते तो समझिये कि हम संतुष्ट नहीं है।
पीड़िता के परिवार से बात करते अपर मुख्य सचिव
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही जिलाधिकारी द्वारा धमकाने जैसी शिकायतें भी परिवार ने रखीं। परिजनों पूछा कि आखिर बिटिया के शव को रात में क्यों जलाया गया? चेहरा क्यों नहीं दिखाया गया? शरीर किसका था? पेट्रोल डालकर क्यों जलाया? इन सवालों पर अधिकारी निरुत्तर हो गए।
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Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
आखिर में अधिकारियों ने हाथ जोड़ते हुए यह भरोसा दिलाया कि सब्र रखिये, सभी दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी जांच कर रही है। बीता हुए समय को वापस नहीं ला सकते। हम आपका साथ देंगे। गृह सचिव व डीजीपी गांव में दोपहर दो बजकर 20 मिनट पर पहुंचे थे। परिजनों से बात करने के बाद तीन बजे वह गांव से निकल गए।
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गांव में तैनात पुलिसबल
- फोटो : अमर उजाला
हम पीड़ित, हमारा ही नार्को टेस्ट
अधिकारियों के समक्ष परिजनों ने नार्को टेस्ट की बात उठाई। परिजनों का सीधा सवाल था कि क्या किसी पीड़ित परिवार का आज तक नार्को टेस्ट हुआ है। आज तक देश के इतिहास में तो ऐसा हुआ नहीं है। ऐसे में फिर हम लोगों के नार्को टेस्ट कराने के क्यों आदेश दिए हैं।
अधिकारियों के समक्ष परिजनों ने नार्को टेस्ट की बात उठाई। परिजनों का सीधा सवाल था कि क्या किसी पीड़ित परिवार का आज तक नार्को टेस्ट हुआ है। आज तक देश के इतिहास में तो ऐसा हुआ नहीं है। ऐसे में फिर हम लोगों के नार्को टेस्ट कराने के क्यों आदेश दिए हैं।