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हाथरस कांड: जातीय हिंसा फैलने की साजिश का क्या है सच, एसटीएफ ने देखे रिकॉर्ड, सीओ सादाबाद के दफ्तर भी गई टीम
Fri, 23 Oct 2020 10:58 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 23 Oct 2020 10:58 AM IST
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Hathras Gang Rape Case
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस के बिटिया के प्रकरण में जातीय दंगे फैलाने की साजिश की जांच अब एसटीएफ करेगी। ऐसे में सीबीआई के बाद अब एसटीएफ की टीम ने भी जिले में डेरा डाल दिया है। इस मामले में चंदपा थाने मे दर्ज दो मुकदमों की विवेचना एसटीएफ द्वारा की जाएगी। अभी तक दोनों मुकदमों की विवेचना अभी क्राइम ब्रांच कर रही थी।
हाथरस कांड
- फोटो : amar ujala
एसटीएफ ने चंदपा थाने में जाकर इन मुकदमों से संबंधित पत्रावलियां देखीं और अधिकारियों से मुलाकात की। वहीं एसटीएफ की टीम सीओ सादाबाद के दफ्तर भी गई। एसटीएफ जल्द ही इस मामले में आरोपी मथुरा में बंद पीएफआई के चार सदस्यों से पूछताछ करने के लिए मथुरा जेल जा सकती है।
मथुरा पुलिस ने पकड़े चार संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
उल्लेखनीय है कि बिटिया के मामले में कई दिन तक जमकर बवाल हुआ था। ऐसे में प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह थाना चंदपा में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था कि इस प्रकरण की आड़ में कुछ संगठनों ने प्रदेश में जातीय हिंसा फैलाने की साजिश रची थी। इस सिलसिले में थाना चंदपा में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में दर्ज एक मुकदमे में पुलिस ने मथुरा में पकड़े गए चार युवकों को भी आरोपी बना रखा है।
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पीड़िता के घर फिर पहुंची एसआईटी की टीम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की मानें तो यह पीएफआई के सदस्य हैं और दंगा कराने के लिए हाथरस आ रहे थे। मथुरा पुलिस ने इनसे लैपटॉप आदि भी बरामद किया था। जातीय दंगा कराने के लिए फंडिंग करने, ऑडियो वायरल करने, पीड़ित परिवार को प्रलोभन देने, सोशल साइट बनाकर लोगों को भड़काने जैसी बातें भी इस मुकदमे में कही गई थीं। वहीं एक अन्य मुकदमा भी इसमें कायम किया गया था। पहले इन दोनों मुकदमों की विवेचना कोतवाली निरीक्षक चंदपा को दी गई थी।
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पीएफआई के सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
बाद में इनकी विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। पुलिस ने इसमें आरोपी चारों युवकों अतीक उर्रहमान निवासी रतनपुर मुजफ्फरनगर, आलम निवासी घेर फतेह खां रामपुर, सिद्दीकी निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम केरल, मसूद अहमद निवासी जरवल, बरहाइच के खिलाफ मथुरा जेल में बी. वारंट दाखिल कराया था। इनकी स्थानीय कोर्ट में वीसी के माध्यम से पेशी भी हो चुकी है। अब इस मामले में विवेचना एसटीएफ करेगी।