{"_id":"61515bcc7328e628ae68a072","slug":"accused-hiralal-had-made-preparations-to-kill-all-family-members","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"खुलासा: पड़ोसी का पूरा खानदान खत्म कर भागना चाहता था हीरालाल, इस वजह से दी अपनी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुलासा: पड़ोसी का पूरा खानदान खत्म कर भागना चाहता था हीरालाल, इस वजह से दी अपनी जान
Mon, 27 Sep 2021 11:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 27 Sep 2021 11:56 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़ हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलीगढ़ के गोंडा के नगला बिरखू में जो कुछ हुआ, वह एक सोची समझी व सुनियोजित साजिश थी। पुलिस जांच में जो तथ्य उजागर हुए हैं, उससे साफ है कि पहले से इस घटना की हीरालाल ने तैयारी कर रखी थी और कृष्ण कुमार के पूरे परिवार को मौत के घाट उतारकर भाग जाना उसकी साजिश का हिस्सा था। परिवार के सदस्यों के बच जाने और खुद को देख लिए जाने के कारण बाद में उसने अपनी जान दे दी। आपको बता दें कि गांव नगला बिरखू में शनिवार रात एक बुजुर्ग ने पुरानी रंजिश में मौत का खौफनाक खेल खेला। आधी रात में पड़ोसी परिवार को मौत के घाट उतारने पहुंचे बुजुर्ग ने चारपाई पर सोते युवक की फरसे से काटकर हत्या कर दी, जबकि उसकी मां को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। इस दौरान परिवार के दो अन्य सदस्यों ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई। बाद में बुजुर्ग ने अपने घर जाकर तमंचे से अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सनसनीखेज वारदात से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस व फोरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुंच गई। घटना के बाद एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात है।
घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
इस तरह से की थी पूरी तैयारी
पुलिस जांच व ग्रामीणों से पूछताछ में जो तथ्य उजागर हुए हैं, उसके अनुसार हीरालाल गांव में आटा चक्की चलाता था। गांव के जिन लोगों के गेहूं उसके यहां पीसने के लिए रखे थे, उन सभी लोगों के घर जाकर हीरालाल ने कहा था कि शनिवार शाम तक अपना गेहूं या पिसा हुआ आटा उठा ले जाएं। फिर वह तीर्थ करने जा रहा है। फिर उसी शाम उसने एक सीढ़ी खरीदी और कुछ दिन पहले ही उसने लोहार से सुरक्षा का हवाला देकर फरसा भी बनवाया था। यह तथ्य जानकर पुलिस मान रही है कि परिवार को मौत के घाट उतारकर चुपचाप भागना उसकी प्लानिंग का हिस्सा था। साथ में उसकी अंटी में ट्यूब बंधा मिला, जिसमें कारतूस भरे मिले हैं।
पुलिस जांच व ग्रामीणों से पूछताछ में जो तथ्य उजागर हुए हैं, उसके अनुसार हीरालाल गांव में आटा चक्की चलाता था। गांव के जिन लोगों के गेहूं उसके यहां पीसने के लिए रखे थे, उन सभी लोगों के घर जाकर हीरालाल ने कहा था कि शनिवार शाम तक अपना गेहूं या पिसा हुआ आटा उठा ले जाएं। फिर वह तीर्थ करने जा रहा है। फिर उसी शाम उसने एक सीढ़ी खरीदी और कुछ दिन पहले ही उसने लोहार से सुरक्षा का हवाला देकर फरसा भी बनवाया था। यह तथ्य जानकर पुलिस मान रही है कि परिवार को मौत के घाट उतारकर चुपचाप भागना उसकी प्लानिंग का हिस्सा था। साथ में उसकी अंटी में ट्यूब बंधा मिला, जिसमें कारतूस भरे मिले हैं।
घटनास्थल
- फोटो : अमर उजाला
हीरालाल की बदनीयत से घर में भी न था कोई साथ
पुलिस जांच में उजागर हुआ है और ग्रामीणों ने बताया कि हीरालाल की बदनीयत के चर्चा आम रहते थे। दो साल पुराने झगड़े के मूल में भी कुछ इस तरह के तथ्य उजागर हुए थे। मगर बाद में बात गाय को लेकर झगड़े की बताई गई। उसकी इन्हीं हरकतों के चलते बड़े बेटे का अपनी पत्नी से तलाक हुआ और छोटा बेटा अपनी पत्नी को लेकर अलग रहता है। पिता से संबंध नहीं रखता था।
पुलिस जांच में उजागर हुआ है और ग्रामीणों ने बताया कि हीरालाल की बदनीयत के चर्चा आम रहते थे। दो साल पुराने झगड़े के मूल में भी कुछ इस तरह के तथ्य उजागर हुए थे। मगर बाद में बात गाय को लेकर झगड़े की बताई गई। उसकी इन्हीं हरकतों के चलते बड़े बेटे का अपनी पत्नी से तलाक हुआ और छोटा बेटा अपनी पत्नी को लेकर अलग रहता है। पिता से संबंध नहीं रखता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटनास्थल पर पुलिस और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
छत पर अकेले कृष्ण को बनाया निशाना
कृष्ण कुमार व हीरालाल के घरों की दीवार आपस में सटी हुई हैं। हीरालाल के मन में पनप रही रंजिश से अंजान कृष्ण कुमार अकेला छत पर चारपाई पर सोता था। अगर वह थोड़ा सजग होता तो शायद उसकी जान बच जाती। अकेले सो रहे कृष्ण कुमार को हीरालाल ने आसानी से शिकार बना लिया। इतना ही नहीं, उसकी मौत से परिवार तब तक अंजान रहा, जब तक हीरालाल अपने घर में न उतर गया और लोग उसका पीछा करते हुए कृष्ण कुमार की छत पर आए। तब उन्होंने देखा कि वह तो मृत पड़ा है।
कृष्ण कुमार व हीरालाल के घरों की दीवार आपस में सटी हुई हैं। हीरालाल के मन में पनप रही रंजिश से अंजान कृष्ण कुमार अकेला छत पर चारपाई पर सोता था। अगर वह थोड़ा सजग होता तो शायद उसकी जान बच जाती। अकेले सो रहे कृष्ण कुमार को हीरालाल ने आसानी से शिकार बना लिया। इतना ही नहीं, उसकी मौत से परिवार तब तक अंजान रहा, जब तक हीरालाल अपने घर में न उतर गया और लोग उसका पीछा करते हुए कृष्ण कुमार की छत पर आए। तब उन्होंने देखा कि वह तो मृत पड़ा है।
विज्ञापन
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
हमलावर के सिर पर सवार था खून
कृष्ण कुमार की हत्या और मां शशि देवी के घायल हो जाने के बाद के बाद कमरे मे छिपकर अपनी जान बचाने वाले दिव्यांग भाई उमाशंकर व दीपक उर्फ दीपू ने बताया कि हीरालाल फरसा लेकर गुस्से में था। इसी गुस्से में उसने मां को निशाना बनाते हुए तमंचे से हवाई फायर भी किया था। मगर बाद में ग्रामीणों को आता देख वह भागा। सामने आते ग्रामीण पर फायर झोंका। इसके कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज आयी। फिर पता चला कि हीरालाल ने खुद ही गोली मार ली है। पास में ही तमंचा पड़ा हुआ था।
कृष्ण कुमार की हत्या और मां शशि देवी के घायल हो जाने के बाद के बाद कमरे मे छिपकर अपनी जान बचाने वाले दिव्यांग भाई उमाशंकर व दीपक उर्फ दीपू ने बताया कि हीरालाल फरसा लेकर गुस्से में था। इसी गुस्से में उसने मां को निशाना बनाते हुए तमंचे से हवाई फायर भी किया था। मगर बाद में ग्रामीणों को आता देख वह भागा। सामने आते ग्रामीण पर फायर झोंका। इसके कुछ ही देर बाद गोली चलने की आवाज आयी। फिर पता चला कि हीरालाल ने खुद ही गोली मार ली है। पास में ही तमंचा पड़ा हुआ था।