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अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव का होगा कायाकल्प, विकास के लिए पहली किस्त जारी
Mon, 01 Jul 2019 08:53 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 01 Jul 2019 08:53 AM IST
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अटलजी की कुल देवी का मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव बटेश्वर की दिन जल्द ही बहुरने वाले हैं। बटेश्वर में विकास कार्यों के लिए शासन ने तीन करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इस पहली किस्त से अतिथि गृह सुधार के काम होंगे। साथ ही इसके आसपास सौंदर्यीकरण होगा।
बटेश्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 सितंबर 2018 को उनकी अस्थि विसर्जन के लिए बटेश्वर आए थे। इस दौरान उन्होंने यहां अटल बिहारी से जुड़ी यादों को सहेजने के साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास की घोषणा की थी। जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर 10 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए, शासन ने इन्हें मंजूरी दे दी थी।
बटेश्वर
- फोटो : अमर उजाला
बीते गुरुवार को शासन ने पहली किस्त के रूप में इसमें से तीन करोड़ रुपये जिला प्रशासन को दे दिए। प्रधानमंत्री रहते अटल बिहारी वाजपेयी जब बटेश्वर में आगरा-इटावा रेल परियोजना का शिलान्यास करने आए थे, तब वह जिस अतिथि गृह में रुके थे, उसी के जीर्णोद्धार से बटेश्वर में कार्य शुरू होंगे।
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जंगलात कोठी
- फोटो : अमर उजाला
ये भी होने हैं कार्य
- यज्ञशाला को विकसित करना (बचपन में यहां अटलजी यज्ञ किया करते थे)।
- अटलजी के पैतृक निवास स्थान को स्मारक में तब्दील करना।
- जंगलात कोठी का जीर्णोद्धार (सन् 1942 में अटलजी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसमें आग लगा दी थी, इस पर उन्हें जेल जाना पड़ा था।)
- बटेश्वर के मंदिरों के घाटों का सौंदर्यीकरण।
- यज्ञशाला को विकसित करना (बचपन में यहां अटलजी यज्ञ किया करते थे)।
- अटलजी के पैतृक निवास स्थान को स्मारक में तब्दील करना।
- जंगलात कोठी का जीर्णोद्धार (सन् 1942 में अटलजी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसमें आग लगा दी थी, इस पर उन्हें जेल जाना पड़ा था।)
- बटेश्वर के मंदिरों के घाटों का सौंदर्यीकरण।
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अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव बटेश्वर स्थित घर
अटलजी के निधन के बाद तमाम दावे किए गए लेकिन इन दावों को पूरा करने में उतना उत्साह नहीं दिखा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के नौ महीने के बाद तीन करोड़ मिल सके हैं।