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Firozabad Advocate Murder: अधिवक्ता की हत्या के पीछे आखिर कौन? 25 साल पहले इसी तरह हुई थी भाई की हत्या

Tue, 20 Dec 2022 02:28 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 20 Dec 2022 02:28 PM IST
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Who is behind the murder of the advocate Brother was killed like this 25 years ago
अधिवक्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के गांव लालऊ निवासी अधिवक्ता शिव शंकर दुबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 25 साल पहले उनके भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।  शिव शंकर दुबे की हत्या से हर कोई स्तब्ध है। हलांकि इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। 

 

इस तरह हुई घटना 

वे अपने छोटे बेटे ललित (14) बेटी आन्या (12) को स्कूल छोड़ने के बाद सुबह टहलने के लिए घर से सुबह करीब सवा आठ बजे निकले थे। घर से निकलने से पहले उन्होंने पत्नी रेखा से चाय बनाने के लिए कहा था। सुबह साढ़े आठ बजे शिव शंकर के बड़े पुत्र तन्मय ने पिता को फोन कर कहा कि चाय बन गई। अधिवक्ता ने पुत्र से थोड़ी देर में आने की बात कहकर फोन काट दिया। इस बीच ग्रामीणों को गोली चलने की दो बार आवाज सुनाई दी, लेकिन ग्रामीण कुछ समझ नहीं सके।
 
Who is behind the murder of the advocate Brother was killed like this 25 years ago
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
गांव लालऊ से बैंदी जाने वाले मार्ग पर ग्रामीण गुजरे तो शक्ति ग्लास पैकर्स से करीब सौ मीटर दूरी पर अधिवक्ता का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। सूचना पर परिजन के साथ काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। एसपी ग्रामीण कुमार रणविजय सिंह, सीओ सिटी हरिमोहन सिंह के साथ अन्य थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। जीवित होने की उम्मीद में अधिवक्ता को एंबुलेंस से सरकारी ट्रॉमा सेंटर लाया गया। 
Who is behind the murder of the advocate Brother was killed like this 25 years ago
अधिवक्ताओं में आक्रोश - फोटो : अमर उजाला
यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। अधिवक्ता की हत्या से अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। कार्य का बहिष्कार करने के साथ ही काफी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने निर्णय भी लिया कि आरोपियों का मुकदमा कोई भी साथी अधिवक्ता नहीं लड़ेगा।
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अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या - फोटो : अमर उजाला

सवा पांच बजे बंद हो गए थे सीसीटीवी कैमरे

गांव बैंदी को जाने वाले मार्ग पर जिस स्थान पर अधिवक्ता का शव सड़क पर खून से लथपथ पड़ा था। वहां आसपास कोई मकान और दुकान नहीं है। खेत में सड़क किनारे मथुरा नगर निवासी रुपेश की शक्ति ग्लास पैकर्स के नाम से कांच के आइटम पैक करने की फैक्टरी है। जिसके गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो वह सुबह के सवा पांच बजे से बंद थे। 
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अधिवक्ता से भाई से जानकारी करते एसएसपी आशीष तिवारी - फोटो : अमर उजाला

25 साल पहले हुई थी भाई की हत्या

अधिवक्ता शिव शंकर दुबे पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे। अधिवक्ता के बड़े भाई राधारमण की 25 साल पहले गांव बैंदी में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि उस घटना का खुलासा भी आज तक नहीं हो सका है। हत्या के खुलासे के लिए परिवारीजन ने कई बार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से मिले, लेकिन पुलिस कातिलों को खोजने में नाकाम रही। 

एक आरोपी गिरफ्तार 

अधिवक्ता की हत्या के मामले में एक आरोपी को दक्षिण थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। शेष बचे अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। जिनकी गिरफ्तारी को पुलिस उनके संबंधित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वहीं मृतक अधिवक्ता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में किया गया। इस बीच काफी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। वहीं गांव में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। 
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