मौसम का असर: बारिश से सुधरी हवा की गुणवत्ता, प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा आगरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 20 May 2021 12:02 AM IST
आगरा में हुई बारिश
1 of 5
विज्ञापन
कोरोना कर्फ्यू से पहले आगरा देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप-10 में बना हुआ था, लेकिन कर्फ्यू के दौरान हवा की गुणवत्ता सुधरी और अब दो दिनों से बारिश के चलते प्रदूषण के सूक्ष्म कण पीएम 2.5 में कमी आई तो आगरा प्रदेश के सबसे अच्छी हवा की गुणवत्ता वाले शहरों में दूसरे नंबर पर आ गया। सबसे बेहतर हवा हापुड़ की रही, जबकि दूसरे नंबर पर आगरा की। तीसरे नंबर पर बुलंद शहर और कानपुर की हवा की गुणवत्ता रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी की गई सूची में बुधवार को आगरा प्रदेश का दूसरा सबसे अच्छी हवा वाला शहर रहा, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) केवल 57 रहा। बुधवार को ताउते तूफान के कारण आगरा समेत पूरे प्रदेश में मौसम बदल गया, जिसका असर प्रदूषण पर पड़ा। प्रदूषण स्तर में हर शहर में कमी आई।
मौसम: आगरा में देर शाम हुई बारिश
2 of 5
आगरा में सूक्ष्म कण पीएम 2.5 कणों की मात्रा न्यूनतम 37 तक रही, जबकि अधिकतम 82 तक ही पहुंच सकी। नाइट्रोजन डाइक्साइड महज 6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक रहा। इसकी अधिकतम मात्रा 17 तक रात 10 बजे पहुंची। सूक्ष्म कण पीएम 2.5 माइक्रोग्राम की मात्रा सुबह 10 से 12 बजे के बीच रही। 
विज्ञापन
आगरा में जमकर हुई बारिश
3 of 5
महाराष्ट्र और गुजरात समेत समुद्र तटीय इलाकों में तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान ताऊते का असर आगरा मंडल में भी दिखा। बुधवा सुबह से रुक-रुक बारिश होती रही। दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई और बारिश के कारण ताजनगरी में तापमान सामान्य से कई डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। 
 
आगरा में तेज बारिश हुई
4 of 5
आपदा नियंत्रण टीम अलर्ट 
महाराष्ट्र और गुजरात में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान ताउते को लेकर आगरा समेत 22 इलाकों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया था। 18 से 20 मई तक भारी बारिश, तेज हवाएं और चमक गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका जाहिर करते हुए लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की गई। जिला प्रशासन ने आपदा नियंत्रण टीमों को अलर्ट किया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा में बारिश
5 of 5
2018 में तूफान ने मचाई थी तबाही
आगरा में दो अप्रैल 2018 को आए भयंकर तूफान ने जमकर तबाही मचाई थी। 100 से 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आए बवंडर ने 10 हजार से अधिक घर तहस-नहस कर दिए थे। तब 24 लोगों की मौत हुई थी। पिछले साल मई 2020 में भी तूफान ने 100 साल पुराने पेड़ उखाड़ दिए थे। उस दौरान दो बच्चों समेत तीन लोगों की आपदा जनित हादसों में मृत्यु हो चुकी है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00