मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के हुए हुए दर्दनाक हादसे में एक पल में छह परिवारों की दुनिया उजड़ गई। नन्हीं परी को अपने पहले जन्मदिन पर पापा का इंतजार था, जो अंतहीन हो गया, तो नाती अपने बाबा की मौत की खबर से सुनकर उनके अंतिम दर्शन करने को निकला था, मगर दादा की अर्थी उठने से पहले उसकी मौत की खबर घर पहुंच गई। इन परिवारों में अब दर्द का समुंदर ही रह गया है।
बस में सवार बड़ागांव, फिरोजाबाद निवासी प्रमोद सिंह (25) दिल्ली के नांगलोई में प्लंबर का काम करते थे। पत्नी काजल भी साथ रहती थी, लेकिन एक माह पहले वह गांव लौट आई थीं। शनिवार तड़के मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 88 पर हुए हादसे में बड़ा गांव निवासी साधु सिंह के 25 वर्षीय पुत्र प्रमोद की मौत हो गई।
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Mathura Accident
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे की जानकारी घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। वहीं उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रमोद की एक वर्ष की बेटी का शनिवार को पहला जन्मदिन था। वह बेटी का पहला जन्मदिन मनाने घर लौट रहे थे। शुक्रवार की शाम को प्रमोद ने पत्नी को बताया था कि वह बस से घर लौट रहे हैं।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अल सुबह प्रमोद की मौत की खबर घर पहुंची तो कोहराम मच गया। काजल को खबर मिली तो गुमसुम हो गई। बेटी को गोद में लेकर खामोश होकर रह गई। घरवालों का कहना था कि नन्हीं परी को नहीं पता कि अब उसके पापा कभी नहीं लौटेंगे।
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mathura road accident
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भेलबल, कोठवा, जिला बस्ती निवासी देवेश (28) अपने दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने गए थे। शुक्रवार शाम को देवेश को घरवालों ने उनके बाबा रामशंकर के निधन की सूचना दी। इस पर देवेश शाम को ही गांव लौटने के लिए नांगलोई से बस में सवार हो गए।
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प्रमोद का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक्सप्रेस-वे पर बस हादसे में देवेश की जान भी चली गई। उनके घर में बाबा की अर्थी रखी हुई थी। देवेश के घर खबर पहुंची तो हाहाकार मच गया। घरवाले इतनी जल्दी मथुरा आने की स्थिति में नहीं थे। पुलिस ने वीडियो कॉलिंग से देवेश की शिनाख्त करवाई। इसके बाद प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद देवेश के शव को गाड़ी में रखवाकर एक कांस्टेबल और एक स्वास्थ्य कर्मी के साथ भेजा है।