ब्रज रस के सुप्रसिद्ध भजन गायक विनोद अग्रवाल पंचतत्व में विलीन हो गए। मंगलवार शाम को यमुना तट पर उनके पार्थिव शरीर को पुत्र जतिन अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान वृंदावन के बड़े भजन गायक रसिका पागल, चित्र-विचित्र, पूनम, महंत कृष्णानंद महाराज, बाबा हरिबोल आदि संत भी मौजूद रहे।
तस्वीरें: पंचतत्व में विलीन हुए भजन सम्राट विनोद अग्रवाल, अंतिम दर्शन को उमड़े हजारों लोग
2 of 7
भजन सम्राट विनोद अग्रवाल का पार्थिव शरीर।
- फोटो : अमर उजाला
विनोद अग्रवाल का मंगलवार सुबह चार बजे नयति मेडीसिटी में निधन हो गया। यहां से उन्हें उनके परिजन और प्रशंसक उनके शव को पुष्पांजलि बैकुंठ स्थित उनके निवास गोविंद की गली ले आए। अंतिम दर्शनों के लिए उनके पार्थिव शरीर को वहीं रखा गया।
तस्वीरें: पंचतत्व में विलीन हुए भजन सम्राट विनोद अग्रवाल, अंतिम दर्शन को उमड़े हजारों लोग
3 of 7
भजन गायक विनोद अग्रवाल को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
भजन सम्राट विनोद अग्रवाल के अंतिम दर्शनों के लिए तांता लगा रहा। संत, भागवताचार्य और विनोद जी के साथ भजन संध्या कर चुके कई भजन गायक भी आए थे। यहां मौजूद लोग अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहे थे। लोगों ने बताया कि वृंदावन में एक भव्य भजन संध्या करने की कह रहे थे। इसके लिए खुद तैयारियां कर रहे थे। मगर कौन जानता था कि उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होगी।
तस्वीरें: पंचतत्व में विलीन हुए भजन सम्राट विनोद अग्रवाल, अंतिम दर्शन को उमड़े हजारों लोग
4 of 7
भजन सम्राट विनोद अग्रवाल के अंतिम दर्शन को पहुंचते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर लगभग 1:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू होने तक हजारों की संख्या में रोते-विलखते प्रशंसक और अनुयायी उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचते रहे। वहां हरिनाम संकीर्तन और विनोद अग्रवाल के भजनों के बीच लग रहा था कि मानो अपने चिर परिचित अंदाज में वे अभी भी भजनों का गायन कर रहे हैं।
तस्वीरें: पंचतत्व में विलीन हुए भजन सम्राट विनोद अग्रवाल, अंतिम दर्शन को उमड़े हजारों लोग
5 of 7
विनोद अग्रवाल की अंतिम यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
विनोद अग्रवाल की अंतिम यात्रा रुक्मिणी विहार से छटीकरा रोड, इस्कान और परिक्रमा मार्ग से होती हुई यमुना तट पर पहुंची। इसमें हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भजन सम्राट को श्रद्धांजलि दी गई।