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गांव में लगे मकान-जमीन बिकाऊ के स्लोगन, ठाकुर समुदाय के लोग घर छोड़ने को मजबूर

Tue, 04 Feb 2020 09:38 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 04 Feb 2020 09:38 AM IST
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Thakur community forced to leave from Gothua firozabad
घर की दीवारों पर लिखे मकान-जमीन बिकाऊ है’ के स्लोगन - फोटो : अमर उजाला
थाना नारखी के अंतर्गत गांव गोथुआ में स्कूल में दो छात्रों की लड़ाई के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक वर्ग के लोग गांव से जाने को मजबूर हैं। उन्होंने अपने मकानों पर ‘मकान बिकाऊ है’ ‘जमीन बिकाऊ है’ आदि स्लोगन लिख दिए हैं। दूसरे वर्ग का कहना है कि एक वर्ग के लोग उन्हें व उनके परिवार की महिलाओं के साथ घर में घुसकर मारते-पीटते हैं। दो वर्गों के बीच चल रहे विवाद से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
Thakur community forced to leave from Gothua firozabad
घर की दीवारों पर लिखे स्लोगन - फोटो : अमर उजाला
विगत 26 जनवरी को सकरौली जलेसर एटा के एक विद्यालय में अंकित और अमन, जो कि एक ही कक्षा में पढ़ते हैं, में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। गांव में लोगों ने दोनों के बीच समझौता करा दिया। अमन पुत्र राजकुमार पक्ष का आरोप है कि अंकित के ताऊ राजनलाल ने ठाकुर समुदाय के लड़कों को फंसाने के लिए एससी एसटी एक्ट का झूठा मुकदमा लिखवाने के लिए थाना नारखी में तहरीर दी है।
Thakur community forced to leave from Gothua firozabad
ग्रामीणों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
दूसरे पक्ष के राजन सिंह का कहना है के गांव के ठाकुर समुदाय के लोग आए दिन पीटते हैं। राजनलाल ने बताया कि एससीएसटी एक्ट से बचने के लिए ठाकुर लामबंद हैं। अपने घरों के बाहर एक ही व्यक्ति विशेष ने अपने हाथों से मकान बिकाऊ है व जमीन बिकाऊ है आदि स्लोगन लिख दिए हैं। 
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Thakur community forced to leave from Gothua firozabad
ग्रामीणों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
इधर गांव के प्रधान सुनील सहित रविंद्र पाल, भानु प्रताप, महेंद्र पाल, अनिल कुमार, सत्येंद्र पाल, पुष्पेंद्र, राजेंद्र पाल, इंद्रपाल, संतोष कुमार, सतीश कुमार, रेशम पाल सिंह आदि ने बताया है कि गांव में राजनलाल का आतंक है। वह किसी को भी एससी-एसटी मुकदमे में फंसाता है और समझौते के नाम पर पैसे ऐंठता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्षता से जांच करने और  झूठे मुकदमे न लिखने की मांग की। 
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Thakur community forced to leave from Gothua firozabad
घर की दीवारों पर लिखे स्लोगन - फोटो : अमर उजाला
दोनों ही पक्ष के 48 लोगों को शांति भंग में पाबंद किया गया है। दोनों ही वर्गों में मतभेद हो गए हैं। बात प्रतिष्ठा की बना ली गई है। ऐसे में आपसी समझौता नहीं हो पा रहा है। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए गांव में पुलिस तैनात है।  सुरेश चंद्र शर्मा, चौकी प्रभारी, रजावली
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