शिक्षिका अनामिका शुक्ला के नाम से प्रदेशभर में हुए फर्जीवाड़े के तार मैनपुरी जिले से जुड़े हैं। कासगंज से गिरफ्तार शिक्षिका ने पूछताछ में बताया कि मैनपुरी के राज नाम के युवक ने उससे डेढ़ लाख रुपये लेकर जो दस्तावेज दिए थे उनके आधार पर नौकरी की, जबकि उसके मूल दस्तावेज युवक ने खुद अपने पास रख लिए थे। पुलिस की जांच में और भी कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
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बीएसए कार्यालय में आरोपी शिक्षिका से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज में गिरफ्तार हुई युवती ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के सामने फर्जी ढंग से नौकरी करने की बात स्वीकार की। बीएसए अंजली अग्रवाल ने बताया कि आरोपी शिक्षिका ने वर्ष 2018 में कासगंज के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाई थी।
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आरोपी शिक्षिका
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पुलिस पूछताछ में युवती ने अपना नाम प्रिया बताया। वो फर्रुखाबाद जिले के लखनपुर की रहने वाली है। मैनपुरी जिले के राज नाम के युवक ने उसे झांसा दिया कि वो ऐसे दस्तावेज उपलब्ध करा देगा कि हर हाल में पूर्णकालिक शिक्षिका के रूप में नौकरी मिल जाएगी। इसके लिए युवक ने शिक्षिका से डेढ़ लाख रुपये लिए थे।
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बीएसए कार्यालय में आरोपी शिक्षिका से पूछताछ करती पुलिस
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शिक्षिका ने पुलिस को दो मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए हैं। दोनों ही मोबाइल नंबर जालसाज राज के बताए गए हैं। पुलिस ने मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया लेकिन दोनों बंद हैं। अब सर्विलांस टीम का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस अब यह पता कर रही है कि मोबाइल नंबर किस आईडी पर हैं और अंतिम बार उन नंबरों पर किससे बात हुई।
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आरोपी शिक्षिका
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शिक्षिका के साथ-साथ पुलिस ने उसका त्यागपत्र देने बीएसए कार्यालय के युवक को भी हिरासत में ले लिया है। उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। पता किया जा रहा है कि वह शिक्षिका की जालसाजी से जुड़ा है या नहीं। हालांकि अभी तक उस युवक ने पुलिस को कुछ स्पष्ट नहीं बताया है।