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कोरोना के कारण ताजमहल के नाम बना अनचाहा रिकॉर्ड, 372 साल में पहली बार हुआ ऐसा
Tue, 07 Apr 2020 10:29 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 07 Apr 2020 10:29 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : Amar Ujala
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कोरोना वायरस के कारण दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड बन गया है। लॉकडाउन के कारण ताजमहल कई दिनों से बंद है। 372 साल में पहली बार इतने लंबे समय के लिए ताजमहल बंद हुआ है। ताज के साथ आगरा किला, सिकंदरा और फतेहपुर सीकरी समेत सभी स्मारक बंद हैं। अगली स्लाइड्स में जानिए इससे पहले कब-कब और कितने समय के लिए बंद हुआ ताजमहल....
ताजमहल
- फोटो : Amar Ujala
1632 से 1648 के बीच बने ताजमहल के दरवाजे लगातार कई दिनों के लिए तीन बार बंद हुए हैं। पहली बार 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान दिसंबर में 15 दिनों के लिए ताजमहल में पर्यटकों का प्रवेश बंद किया गया था। उसके सात साल बाद 1978 में जब आगरा में बाढ़ आई थी। और अब कोरोना के कारण ताजमहल कई दिनों से बंद है, जो एक अनचाहा रिकॉर्ड है।
ताजमहल का पूर्वी गेट
- फोटो : Amar Ujala
ताजमहल पर 1974 से तैनात रहे पूर्व वरिष्ठ संरक्षण सहायक डॉ. आर के दीक्षित बताते हैं कि 1978 की बाढ़ के दौरान सितंबर के महीने में सात दिन के लिए स्थानीय प्रशासन ने ताजमहल को बंद किया था। तब बाढ़ का पानी पूरे शहर में आ गया था। लोग बाढ़ का पानी देखने के लिए ताजमहल जाते थे। कोई हादसा न हो जाए, इसलिए जिलाधिकारी के आदेश पर सात दिन के लिए ताज बंद किया गया था।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
1984 में रात में प्रवेश हो गया बंद
1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद के हालातों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने ताजमहल को रात में बंद कर दिया था। उससे पहले ताज रात 12 बजे तक पर्यटकों के लिए खुलता था। चमकी के लिए पूर्णिमा से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक मेला लगता था। 1984 में रात में ताज बंद कर के अल सुबह से शाम तक ही खोला जाने लगा। बाद में सभी स्मारकों का समय सूर्योदय से सूर्यास्त कर दिया गया।
1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद के हालातों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने ताजमहल को रात में बंद कर दिया था। उससे पहले ताज रात 12 बजे तक पर्यटकों के लिए खुलता था। चमकी के लिए पूर्णिमा से तीन दिन पहले और तीन दिन बाद तक मेला लगता था। 1984 में रात में ताज बंद कर के अल सुबह से शाम तक ही खोला जाने लगा। बाद में सभी स्मारकों का समय सूर्योदय से सूर्यास्त कर दिया गया।
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ताजमहल
- फोटो : PTI
टूट गई उर्स की परंपरा
इस बार शाहजहां के 365 वें उर्स में परंपरा टूट गई। ताजमहल में 21 से 23 मार्च के बीच तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होना था, लेकिन इससे पहले ही संस्कृति मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण ताजमहल समेत स्मारकों को बंद कर दिया। इसके बाद देश में 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया गया।
इस बार शाहजहां के 365 वें उर्स में परंपरा टूट गई। ताजमहल में 21 से 23 मार्च के बीच तीन दिवसीय उर्स का आयोजन होना था, लेकिन इससे पहले ही संस्कृति मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण ताजमहल समेत स्मारकों को बंद कर दिया। इसके बाद देश में 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया गया।