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हिंदू युवतियों का धर्मांतरण: संदिग्ध आतंकी से पूछताछ, ये हैं वो सवाल, जिनके अयान जावेद ने नहीं दिए जवाब
Mon, 09 Mar 2026 09:00 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 09 Mar 2026 09:00 AM IST
सार
रांची सेंट्रल जेल से बी-वारंट पर आगरा लाए गए संदिग्ध अयान जावेद से पुलिस, एटीएस और आईबी ने करीब सात घंटे तक पूछताछ की। धर्मांतरण नेटवर्क, फंडिंग और आतंकी कनेक्शन पर सवाल किए गए, लेकिन आरोपी ने गिरोह या फंडिंग को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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धर्मांतरण केस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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झारखंड की रांची सेंट्रल जेल से आगरा लाए गए 22 वर्षीय संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीम ने सात घंटे तक पूछताछ की। धर्मांतरण गिरोह के आतंकी कनेक्शन और फंडिंग के बारे में सवाल किए गए। मगर अयान ने ठीक से जवाब नहीं दिए। वह सिर्फ अपने धर्म के बारे में ही बोलता रहा। पता चला है कि वह आगरा के आरोपी रहमान कुरैशी और गोवा की आयशा के संपर्क में था।
अयान जावेद
- फोटो : अमर उजाला
उसे बी वारंट पर पुलिस आगरा लेकर आई थी। अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने झारखंड के धनबाद निवासी अयान जावेद को तीन दिन की रिमांड पर लिया है। रविवार सुबह 10 बजे पुलिस ने उसे कस्टडी में लेने के बाद पूछताछ शुरू कर दी। एटीएस और आईबी के अधिकारी भी पहुंचे। सात घंटे तक टीमों ने अलग-अलग पूछताछ की। सवाल किया गया कि गिरोह में कितने सदस्य हैं? फंडिंग कहां से हो रही है? नेटवर्क कहां तक है? इसके पीछे क्या मकसद है? युवतियों उनके बहकावे में कैसे आ जाती हैं? यह सब जानने की कोशिश की गई।
धर्मांतरण गिरोह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक, अयान जावेद यही बोला कि धर्मांतरण का कोई गिरोह नहीं है। उसके धर्म को पढ़ने वाले खुद-ब-खुद उसे मानने लगते हैं। एक बार कोई शामिल हो जाता है तो वह नहीं जा पाता है। लोग एक-दूसरे से जुड़ते चले जाते हैं। आगरा के रहमान कुरैशी से उसका संपर्क था। उनकी बातचीत हुई थी। वह यूट्यूब पर वीडियो बनाकर डालता था।
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धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मकसद ज्यादा लोगों को जोड़ना
सूत्रों ने बताया कि अयान जावेद ने कई महत्वपूर्ण जानकारी खुफिया एजेंसियों को दी हैं। बताया कि उनका मकसद ज्यादा लोगों को जोड़ना है। गजबा-ए-हिंद के लिए किसी तरह की आतंकी घटना की जरूरत नहीं है। जितने लोगों को जोड़ते हैं वो उनके मजहब के लिए काम करेंगे। हथियार उठाने और डराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने एक दावा सेंटर बना रखा है। इसमें लोगों को धर्म के बारे में बताया जाता है। ब्रेनवॉश किया जाता है।
सूत्रों ने बताया कि अयान जावेद ने कई महत्वपूर्ण जानकारी खुफिया एजेंसियों को दी हैं। बताया कि उनका मकसद ज्यादा लोगों को जोड़ना है। गजबा-ए-हिंद के लिए किसी तरह की आतंकी घटना की जरूरत नहीं है। जितने लोगों को जोड़ते हैं वो उनके मजहब के लिए काम करेंगे। हथियार उठाने और डराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने एक दावा सेंटर बना रखा है। इसमें लोगों को धर्म के बारे में बताया जाता है। ब्रेनवॉश किया जाता है।
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रहमान के घर से बरामद पुस्तक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आतंकी कनेक्शन के बारे में नहीं बोला
अयान ने धर्म के बारे में सब कुछ बताया। मगर वो गिरोह या आतंकी कनेक्शन के बारे में नहीं बोला। बताया कि वह जेल भेजे गए रहमान कुरैशी और आयशा से किस तरह संपर्क में आया। उनको फंडिंग करने वाले लोग कौन हैं, यह सवाल पर भी वह बचता रहा।
अयान ने धर्म के बारे में सब कुछ बताया। मगर वो गिरोह या आतंकी कनेक्शन के बारे में नहीं बोला। बताया कि वह जेल भेजे गए रहमान कुरैशी और आयशा से किस तरह संपर्क में आया। उनको फंडिंग करने वाले लोग कौन हैं, यह सवाल पर भी वह बचता रहा।