फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Agra News:  हुडको योजना पर सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट की तलब, तैयार होना था कॉम्प्लेक्स, एडीए से मांगा जवाब

Fri, 11 Nov 2022 02:17 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 11 Nov 2022 02:17 PM IST
सार


 

विज्ञापन
Supreme Court summons report on HUDCO plan complex was to be ready near tajmahal agra
आगरा का ताजगंज क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला
ताजमहल के पश्चिमी गेट पार्किंग के पास बेर के टीले पर बनी 71 दुकानों के संचालकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एडीए से उसकी हुडको योजना पर जवाब मांगा है। एडीए को 6 सप्ताह में रिपोर्ट देनी है। हुडको योजना में इन दुकानों की जगह नया कॉम्प्लेक्स बनाकर दुकानदारों को देना था। 4 वर्ग मीटर की जगह 9 वर्ग मीटर की दुकानें बनाकर आवंटित की जानी थी। कोर्ट ने जवाब मांगा है कि दुकानों की जगह अब तक कॉम्प्लेक्स क्यों नहीं बनी। 

 
ताजगंज के 500 मीटर परिधि में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने एडीए से नोटिस निरस्त करने को कहा है। इस मामले के बाद पश्चिमी गेट के दुकानदारों ने अपनी हुडको की नए कॉम्प्लेक्स की मांग दोहराई है। कोर्ट ने एडीए से हुडको की ओर से तैयार योजना पर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। पश्चिमी गेट के दुकानदार और याचिकाकर्ता अमर सिंह राठौर ने बताया कि हुडको के बाद यूपी टूरिज्म ने वर्ल्ड बैंक की मदद से कॉम्प्लेक्स का प्लान तैयार कराया था। लखनऊ के आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव ने दो बार आकर पूरी योजना भी बना दी और 71 दुकानों के साइज 4 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 9 वर्ग मीटर कर डिजाइन बनाया। इसका प्रजेंटेशन भी दुकानदारों के सामने किया गया, पर 2016 से वह भी ठंडे बस्ते में है। 

 
Supreme Court summons report on HUDCO plan complex was to be ready near tajmahal agra
ताजगंज - फोटो : अमर उजाला

यह है हुडको योजना

वर्ष 2007 में हुडको ने बेर के टीला में 71 दुकानों की जगह नया कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई थी। 4 वर्ग मीटर की जगह 9 वर्ग मीटर की दुकानें तैयार कर आवंटित की जानी थी। यह योजना लागू नहीं हो सकी। इसके लिए हुडको ने पश्चिमी गेट की अमरूद टीला पार्किंग में जगह चयन किया था। पर्यटन मंत्रालय इसके लिए बजट देने को भी तैयार था, पर पेड़ काटने की मंजूरी न मिलने पर योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अब ताजमहल पश्चिमी गेट के दुकानदारों की याचिका पर एडीए से छह सप्ताह में जवाब मांगने पर दुकानदारों में आस जगी है। 

 
Supreme Court summons report on HUDCO plan complex was to be ready near tajmahal agra
ताजगंज क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला

29 साल बाद होगा नीरी का सर्वे

भारत सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 29 साल पहले 1993 में नेशनल एनवॉयरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) से ताज ट्रिपेजियम जोन के अक्षांश तय कराए थे। इसके लिए 15.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। 1992 में मंत्रालय ने नीरी को सर्वे की इजाजत दी। रिपोर्ट नीरी की टीम ने जुलाई 1993 में सौंपी। नीरी ने ताजमहल के पास वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और जल प्रदूषण को लेकर रिपोर्ट तैयार की। 1996 में यह सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई। नीरी की टीम ने ही सबसे पहले ताजमहल के 500 मीटर दायरे में ध्वनि प्रदूषण के लिए डेसिबल मानक तय किए। 20 से 24 मार्च 1997 के बीच विश्व प्रसिद्ध संगीतकार यान्नी ने ताजमहल के साए तले 11 सिड्डी स्मारक पर यमुना की तलहटी में अपना शो किया, जो ताज के प्रतिबंधित 500 मीटर दायरे में था। तब नीरी ने यहां ताज पर डाली गई लाइट और साउंड पर रिपोर्ट दाखिल की थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Supreme Court summons report on HUDCO plan complex was to be ready near tajmahal agra
ताजगंज - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद आगरा विकास प्राधिकरण ने साल 2013 में नीरी से आगरा और ताज ट्रिपेजियम जोन में वायु प्रदूषण की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार कराई। 136 पेज की रिपोर्ट को नीरी ने कांप्रहेंसिव एनवॉयरमेंटल मैनेजमेंट प्लान का नाम दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ताजमहल के 500 मीटर दायरे में व्यावसायिक गतिविधियों से प्रदूषण की रिपोर्ट नीरी तैयार करेगी।

 
विज्ञापन
Supreme Court summons report on HUDCO plan complex was to be ready near tajmahal agra
ताजगंज - फोटो : अमर उजाला

नाइट व्यू का टिकट ऑनलाइन मिलने से होगी आसानी

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका में ताजमहल के नाइट व्यू का टिकट ऑनलाइन करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी दिन भर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करते रहे। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह आदेश देर रात तक अपलोड नहीं हुआ, लेकिन इसे लेकर अधिकारियों ने तकनीकी टीम के साथ वार्ता भी की। एएसआई के अधिकारियों ने बताया कि तिथि आधारित पूर्णिमा के कारण ऑनलाइन टिकट बुकिंग में बार-बार अपडेट करने होंगे। कितने दिन पहले टिकट उपलब्ध कराया जाए, इस बारे में जानकारी की जा रही है। कोर्ट के आदेश पर मुख्यालय जो निर्णय लेगा, उसके मुताबिक व्यवस्था की जाएगी। तब तक ऑफलाइन यानी टिकट काउंटर से ही पहले की तरह एक दिन पहले टिकट उपलब्ध होंगे।

अभी आदेश की प्रति नहीं मिली

अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि अभी माननीय सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिला नहीं है। आदेश की प्रति मिलते ही इसे एएसआई मुख्यालय भेजा जाएगा और ऑनलाइन टिकट की प्रक्रिया निर्देशों के मुताबिक की जाएगी।
,
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed