डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएएमएस परीक्षा की कापियां बदलने के मामले की जांच करने शुक्रवार को एसटीएफ टीम पहुंच गई। टीम ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में परीक्षा से संबधित रिकॉर्ड खंगाले। परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची तलब की। चार्ट रूम में भी पूछताछ की। 60 मिनट तक टीम के रुकने के दौरान कर्मचारियों की सांसें भी अटकी रहीं। बाद में एसटीएफ खंदारी कैंपस में कार्यवाहक कुलपति से भी मिली।
{"_id":"631b51bdace40202b34dac2e","slug":"stf-reached-the-university-to-investigate-in-bams-answer-sheets-changed-case","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Agra News: बीएएमएस प्रकरण में जांच करने विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ, खंगाले रिकॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: बीएएमएस प्रकरण में जांच करने विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ, खंगाले रिकॉर्ड
Fri, 09 Sep 2022 08:16 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 09 Sep 2022 08:16 PM IST
विज्ञापन
विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद जांच एसटीएफ को दी गई है। शुक्रवार को एसपी एसटीएफ राकेश यादव के नेतृत्व में निरीक्षक हुकुम सिंह और यतेंद्र शर्मा सहित अन्य कर्मचारी विश्वविद्यालय पहुंचे। एसटीएफ के पहुंचने पर विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मचारी सीट छोड़कर चले गए। एसपी सबसे पहले परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे। उन्होंने परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों की सूची मांगी। रिकॉर्ड तलब किया।
विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
परीक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी ली। एजेंसी के कार्य के बारे में पता किया। यह पूछा कि परीक्षा संबंधी कार्य में कितने स्थायी और अस्थायी कर्मचारी लगे हैं। कितने सुरक्षा कर्मी लगे हैं। यह कार्य कैसे होता है? एजेंसी तक कापियां कौन पहुंचाता है? पूछा कि कि कौन से कर्मचारी को क्या जिम्मेदारी है? वह कहां रहते हैं और उनके मोबाइल नंबर क्या हैं? चार्ट रूम में भी टीम पहुंची। इससे कर्मचारियों की धड़कन बढ़ी रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
कहां बनेगा कैंप कार्यालय?
विश्वविद्यालय परिसर में ही एसटीएफ का कैंप कार्यालय भी बनाया जाना है। एसटीएफ ने पूछताछ के बाद कैंप कार्यालय के लिए स्थान को देखा। कुलपति सचिवालय के पास निर्माणाधीन आवास को भी कैंप कार्यालय बनाने पर विचार किया गया। विश्वविद्यालय में कैंप कार्यालय बनने के बाद एसटीएफ कर्मचारियों को बुलाएगी। परिसर में ही कार्यालय होने पर कर्मचारियों से पूछताछ में भी आसानी रहेगी। कर्मचारी भी आराम से आ जाएंगे। टीम को भी किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
एसटीएफ ने एसआईटी से संबंधित रिकॉर्ड भी लिया
- फोटो : अमर उजाला