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Mathura: आ गई ठंड..., बदला ठाकुर श्रीबांकेबिहारी का खानपान, जानिए क्या होगा खास
Wed, 07 Dec 2022 09:06 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 07 Dec 2022 09:06 PM IST
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ठाकुर बांकेबिहारी महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन में ठंड का प्रभाव लाड़ले ठाकुर बांकेबिहारी महाराज पर न पड़े इसके लिए सेवायतों द्वारा आराध्य को गर्म पोशाक पहनाने के साथ ही साथ तप्तपदार्थों का भोग निवेदित किया जा रहा है। मेवा का भोग लगाया जा रहा है। चंदन के टीके, भोग और माखन-मिश्री में केसर मिलाया जा रहा है।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर राजभोग में कच्चे भोजन में दी जाने वाली खीर में सूखे मेवे डाले जा रहे हैं। केसर डालकर दूध-भात भी ठाकुरजी को भाता है। शाम को (उत्थापन) में चाट का भोग और शयन से पूर्व मेवा-केसर मिश्रित दूध का भोग दिया जा रहा है।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कटोरे में 8 लड्डू भी रखे जा रहे
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के शयन के बाद शयन कक्ष में चांदी के कटोरे में मेवायुक्त 8 लड्डू, चार पान के बीड़ा और चांदी के लोटे में गुनगुना पानी रखा जाता है। रात में यदि ठाकुरजी की आंखें खुल जाए और उन्हें भूख-प्यास लगे तो वह परेशान न हों।
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मालिश में केसर इत्र का प्रयोग
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज की मालिश वर्षभर की जाती है। गर्मी में चंदन, गुलाब, खस आदि इत्र से मालिश होती है वहीं ठंड के मौसम में हिना, केसर इत्र से ठाकुरजी की मालिश की जा रही है।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला