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Sawan 1st Somwar 2025: सावन का पहला सोमवार आज, माथे पर चंदन, हाथों में डमरू...शिव आराधना की अद्भुत तस्वीरें
Mon, 14 Jul 2025 07:10 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 14 Jul 2025 07:10 AM IST
सार
सावन के पहले सोमवार को राजेश्वर महादेव मंदिर मेले का आयोजन किया जाता है। रविवार को मेले का विधिवित शुभारंभ किया गया।
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Sawan 1st Somwar 2025
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माथे पर चंदन, हाथों में डमरू, बम-बम भोले के जयघोष, भक्ति गीतों पर झूमते श्रद्धालु...। यह नजारा शिव मंदिरों में रविवार शाम से नजर आने लगा। राजेश्वर महादेव मंदिर रात्रि 12:05 बजे से श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए। वहीं बल्केश्वर, रावली, कैलाश, मन:कामेश्वर, पृथ्वीनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को लाखों की संख्या में भक्तों के अभिषेक के लिए पहुंचने का अनुमान है। पहले सोमवार को देखते हुए हर मंदिर पर मेले जैसा नजारा है। मंदिरों के बाहर दुकानें सज गई। वहीं पूजा के सामान की बिक्री भी बड़ी संख्या में हुई।
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Sawan 1st Somwar 2025
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैलाश पर रुद्राभिषेक
बाबा कैलाश नाथ महादेव मंदिर महंत भरत गिरि ने बताया कि तड़के रुद्राभिषेक के बाद बाबा को पंच स्नान कराया जाएगा। उसके बाद आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा के प्रशासन की तरफ से पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं।
बाबा कैलाश नाथ महादेव मंदिर महंत भरत गिरि ने बताया कि तड़के रुद्राभिषेक के बाद बाबा को पंच स्नान कराया जाएगा। उसके बाद आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुविधा के प्रशासन की तरफ से पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं।
Sawan 1st Somwar 2025
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शृंगार बाद पृथ्वीनाथ महादेव के दर्शन
बाबा पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर महंत अजय राजौरिया ने बताया कि मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए बाबा के दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। दिन में पांच बार आरती की जाएगी। दोपहर में 2 बजे से 4 बजे तक बाबा के शयन के लिए कपाट बंद हो जाएंगे। दोपहर 4 बजे आरती के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे जो रात 9 बजे शयन आरती के बाद बंद कर दिए जाएंगे।
बाबा पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर महंत अजय राजौरिया ने बताया कि मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए बाबा के दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। दिन में पांच बार आरती की जाएगी। दोपहर में 2 बजे से 4 बजे तक बाबा के शयन के लिए कपाट बंद हो जाएंगे। दोपहर 4 बजे आरती के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे जो रात 9 बजे शयन आरती के बाद बंद कर दिए जाएंगे।
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Sawan 1st Somwar 2025
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन रंगों में नजर आएंगे राजेश्वर महादेव
प्राचीन राजेश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डीके वशिष्ठ ने बताया कि आगरा मंडल में यह सिर्फ एक ही शिवजी की पिंडी है जो सफेद रंग में है। यह दिन में तीन बार रंग बदलती है। सुबह यह सफेद रंग में दिखती है, दोपहर होते-होते हरा रंग देखने को मिलता है। शाम को हल्के नीले रंग में दिखने लगती है। उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में राम मंदिर को छोड़कर यह इकलौता 101 फीट ऊंचा शिवजी का मंदिर है। रात्रि में ही अभिषेक के लिए लाइन लग गईं। किसी को असुविधा न हो, उसको देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस के साथ ही मंदिर के सेवकों को भी लगाया गया था।
प्राचीन राजेश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष डीके वशिष्ठ ने बताया कि आगरा मंडल में यह सिर्फ एक ही शिवजी की पिंडी है जो सफेद रंग में है। यह दिन में तीन बार रंग बदलती है। सुबह यह सफेद रंग में दिखती है, दोपहर होते-होते हरा रंग देखने को मिलता है। शाम को हल्के नीले रंग में दिखने लगती है। उन्होंने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में राम मंदिर को छोड़कर यह इकलौता 101 फीट ऊंचा शिवजी का मंदिर है। रात्रि में ही अभिषेक के लिए लाइन लग गईं। किसी को असुविधा न हो, उसको देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए। पुलिस के साथ ही मंदिर के सेवकों को भी लगाया गया था।
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Sawan 1st Somwar 2025
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सावन सोमवार पूजा सामग्री
फूल, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री।
फूल, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगाजल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, बेर, आम्र मंजरी, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, कपूर, धूप, दीप, रूई, मलयागिरी, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार सामग्री।