आगरा के लालऊ गांव की रहने वाली दसवीं की छात्रा संजलि को गांव के बाहर जिंदा जलाया गया था। घटना को सुनकर लोगों के दिल दहल गए थे। तब एक ही आवाज उठी थी कि हत्यारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर सजा दिलाना आसान नहीं था। पुलिस ने एक सप्ताह बाद हत्याकांड का खुलासा किया था। मृतका के ताऊ के लड़के योगेश ने खुदकुशी कर ली थी। उसके मोबाइल से पुलिस को हत्याकांड के सु्राग मिलने लगे। बाद में उसके साथियों की गिरफ्तारी हुई। कोर्ट में आरोपियों की काॅल डिटेल, लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज अहम साक्ष्य साबित हुए। इससे वह सजा तक पहुंच गए।
Sanjali Murder: पेट्रोल डाला फिर फेंकी सुलगती सिगरेट, जिंदा जल गई; मोबाइल के वो सबूत...दोषियों को मिली सजा
Sanjali Murder Case: संजलि हत्याकांड में मोबाइल से मिले सबूतों से आकाश और विजय सजा तक पहुंचे। कोर्ट में 108 में से 26 गवाह पेश किए गए। योगेश के मोबाइल सहित 135 साक्ष्य अहम रहे।
व्हाट्सएप पर लूजर लिखे जाने से बाैखला गया था योगेश
पुलिस ने 25 दिसंबरए 2018 को हत्याकांड का खुलासा किया था। आकाश और विजय को जेल भेजा था। खुलासे पर बताया था कि घटना से पहले योगेश ने संजलि को साइकिल खरीदकर दी थी। घर पर बोला था कि संजलि ने प्रतियोगिता में जीती है। उसने कंप्यूटर से प्रतियोगिता का प्रमाणपत्र भी तैयार किया था। उसके गलत इरादों का पता चलने पर संजलि ने उससे दूरी बना ली थी। बात करना बंद कर दिया था। व्हाट्सएप पर लिखकर दिया था कि तुम भाई कहलाने लायक नहीं हो। 23 नवंबर को संजलि के पिता पर हमला हुआ था। इस पर उसे लगा था कि योगेश ने कराया होगा। उसने व्हाट्सएप पर उसे लिख दिया कि यू आर लूजर। तभी उसने हत्या की सोची थी।
ये भी पढ़ें - Sanjali Murder Case: जिस संजलि को जलाया था जिंदा...दोषियों को आजीवन कारावास, मां बोलीं- ये इच्छा रह गई अधूरी
मजबूत साक्ष्य बने सजा का आधार
एडीजीसी क्राइम सत्यप्रकाश धाकड़ ने बताया कि संजलि हत्याकांड में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की गई। मास्टरमाइंड योगेश ने खुदकुशी की थी। उसके साथी पकड़े गए थे। येागेश ने घटना से एक दिन पहले फूलप्रूफ प्लानिंग की थी। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने छोटी से छोटी चीज को ध्यान में रखते हुए प्लान बनाया था। वह क्राइम आधारित धारावाहिक भी देखा करता था। उसकी आत्महत्या ने सारा राज खोल दिया था। आकाश और विजय पकड़ लिए गए थे। घटना वाले दिन तीनों की लोकेशन एक साथ आई थी। पेट्रोल लेते के सीसीटीवी फुटेज भी मिल गए। मोबाइल में व्हाट्सएप चैट अहम रही थी। पुलिस ने 20 मार्च, 2019 को चार्जशीट लगाई थी। इसमें 108 गवाह बनाए गए थे। मगर, 26 की गवाही कराई जा सकी। बाकी गवाह की जरूरत नहीं पड़ी। 135 साक्ष्य मिले थे, जिनमें लाइटर, योगेश के मोबाइल सहित अन्य शामिल थे। एडीजीसी ने बताया कि 14 मई, 2019 से केस में लगातार सुनवाई चल रही है, जोकि जनवरी, 2024 में समाप्त हो गई थीं। अब जाकर फैसला आया है।
ये भी पढ़ें - Sanjali Murder Case: : पेट्रोल डालकर जिंदा जला दी थी संजलि, छह साल बाद दो दोषियों को आजीवन कारावास
मोटीवेशनल वीडियो बनाता था योगेश
योगेश यूट्यूब पर वीडियो बनाता था। उसने अपने कई वीडियो में लिखा था कि खुद पर भरोसा करो, अपनी लड़ाई खुद लड़ो और अपनी मंजिल की ओर बढ़ो। उसने चैनल बना रखा था। आगे बढ़ने के लिए संघर्ष के संदेश लिखकर वीडियो अपलोड किए थे। जब उसकी साजिश का पता चला तो हर कोई सन्न रह गया था। सब यही कह रहे थे कि सोचा नहीं था, वह ऐसा कर देगा।
ये भी पढ़ें - UP: पत्नी की जिस तरह से की हत्या दहल गया दिल...गुस्से पर नहीं कर सका काबू, एक शक में उजड़ गया परिवार
ये साक्ष्य मिले
- योगेश ने घटना से एक दिन पहले स्काउट गाइड के शिविर से छुट्टी ली थी। घटना वाले दिन भी नहीं गया था। इसके सुबूत मिले।
- आकाश और विजय ने गांव के एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल लिया था। इसके सीसीटीवी फुटेज मिल गए।
- संजलि और योगेश की व्हाट्सएप पर हुई बातचीत। योगेश के घर में मिले, संजलि को लिखे गए पत्र।
- योगेश के मोबाइल में माैका ए वारदात पर संजलि का फोटो, योगेश का बैग, जिसमें कपड़े लेकर गया था।
- संजलि को दी गई साइकिल की रसीद, वारदात में इस्तेमाल किए गए हेलमेट, दोनों बाइकें, योगेश के घर में मिला वैसा ही सर्टिफिकेट, जैसा कि संजलि के घर में था।
- पुलिस को माैका ए वारदात पर लाइटर मिला था, जिससे संजलि को जलाया गया था। योगेश ने सर्जिकल ग्लव्ज पहनकर आग लगाई थी। उसके कपड़े जल गए थे। बुझाते में ग्लव्ज भी जल गए थे। जिन्हें बाद में योगेश ने जला दिया था।