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UP: हर महीने दंगा नियंत्रण का रिहर्सल...फिर भी करणी सेना पड़ गई भारी, पुलिस की छह चूक; जिसकी वजह से हुआ बवाल
Fri, 28 Mar 2025 10:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 28 Mar 2025 10:30 AM IST
सार
समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद के घर हमला करने के लिए करणी सेना जब पहुंची, तो पुलिस बेबस नजर आई। हर महीने दंगा नियंत्रण का रिहर्सल करने वाले पुलिसकर्मी इन्हें रोकने में नाकाम रहे।
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Karni Sena
- फोटो : अमर उजाला
आगरा कमिश्नरेट में हाईटेक पुलिसिंग, अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से साक्ष्य जुटाने, माॅकड्रिल और दंगा नियंत्रण के रिहर्सल बुधवार को सब धरे के धरे रह गए। शहर में मुख्यमंत्री योगी के होने पर भी उपद्रव करने वाले लोग सपा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास तक पहुंचे औरा जमकर बवाल किया। बवाल में शामिल लोग गाड़ी और बुलडोजर में बैठकर 20 किलोमीटर दूर से सांसद आवास तक पहुंचे। रास्ते में पड़ने वाले सात थानों की पुलिस और 3 एसीपी पूरी तरह से फेल रहे।
Karni Sena ruckus
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की चूक नंबर - 1
वाटरवर्क्स से निकलने के बाद सांसद आवास के लिए दो जगह से जाया जा सकता था। एक जीवनी मंडी मार्ग तो दूसरा भगवान टाॅकीज और सूरसदन होते हुए। कार्यकर्ताओं के आने की जानकारी पर पुलिस अलर्ट हुई थी। पुलिसकर्मी भगवान टाॅकीज की तरफ से आने की जानकारी पर यहां आ गए। मगर, कार्यकर्ता यहां से नहीं आए। पुलिस की यह चूक रही।
वाटरवर्क्स से निकलने के बाद सांसद आवास के लिए दो जगह से जाया जा सकता था। एक जीवनी मंडी मार्ग तो दूसरा भगवान टाॅकीज और सूरसदन होते हुए। कार्यकर्ताओं के आने की जानकारी पर पुलिस अलर्ट हुई थी। पुलिसकर्मी भगवान टाॅकीज की तरफ से आने की जानकारी पर यहां आ गए। मगर, कार्यकर्ता यहां से नहीं आए। पुलिस की यह चूक रही।
Karni Sena ruckus
- फोटो : अमर उजाला
नंबर - 2
पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने आने के लिए जीवनी मंडी, पालीवाल पार्क का रूट चुना। हरीपर्वत चाैराहे के पास से ही निकले। थाने का फोर्स पहुंचा, लेकिन असहाय बना रहा। पुलिस के पास ऐसा कुछ नहीं था कि कार्यकर्ताओं को रोका जा सके। डंडे लेकर पुलिसकर्मी सिर्फ बैरियर से ही रोकते नजर आए। बैरियर को गाड़ी से गिराते हुए कार्यकर्ता आगे बढ़ गए।
ये भी पढ़ें - सपा सांसद के घर हमला: दो FIR लेकिन मामूली धाराएं...करणी सेना का जिक्र तक नहीं, पुलिस ने इसलिए कर दी लीपापोती
पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने आने के लिए जीवनी मंडी, पालीवाल पार्क का रूट चुना। हरीपर्वत चाैराहे के पास से ही निकले। थाने का फोर्स पहुंचा, लेकिन असहाय बना रहा। पुलिस के पास ऐसा कुछ नहीं था कि कार्यकर्ताओं को रोका जा सके। डंडे लेकर पुलिसकर्मी सिर्फ बैरियर से ही रोकते नजर आए। बैरियर को गाड़ी से गिराते हुए कार्यकर्ता आगे बढ़ गए।
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Karni Sena ruckus
- फोटो : अमर उजाला
नंबर -3
बल प्रयोग के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। कमिश्नरेट पुलिस के पास चिली स्प्रे से लेकर वाटर कैनन के इंतजाम नहीं थे। लोगों को दूर हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने तक के इंतजाम नहीं किए गए, जबकि पुलिस को हर महीने प्रशिक्षण में दंगा नियंत्रण के दाैरान आंसू गैस के गोले दागने के बारे में बताया जाता है। रबर बुलेट चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
बल प्रयोग के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। कमिश्नरेट पुलिस के पास चिली स्प्रे से लेकर वाटर कैनन के इंतजाम नहीं थे। लोगों को दूर हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने तक के इंतजाम नहीं किए गए, जबकि पुलिस को हर महीने प्रशिक्षण में दंगा नियंत्रण के दाैरान आंसू गैस के गोले दागने के बारे में बताया जाता है। रबर बुलेट चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
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Karni Sena ruckus
- फोटो : अमर उजाला
नंबर - 4
पुलिसकर्मी आक्रोशित भीड़ को रोकने के लिए पहले से तैयार नहीं थे, तभी तो गाड़ी के साथ पदाधिकारियों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सके। सांसद आवास को जाने वाले रास्तों के गेटों को पहले से नहीं घेरा गया। इन पर सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं थे। इससे उपद्रवियों को परिसर अंदर घुसने का माैका मिल गया।
ये भी पढ़ें - सपा सांसद के घर हमला: आकेंद्र राणा की गिरफ्तार के लिए एसओजी सहित 10 टीम, राजस्थान-हरियाणा में दी जा रही दबिशें
पुलिसकर्मी आक्रोशित भीड़ को रोकने के लिए पहले से तैयार नहीं थे, तभी तो गाड़ी के साथ पदाधिकारियों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सके। सांसद आवास को जाने वाले रास्तों के गेटों को पहले से नहीं घेरा गया। इन पर सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं थे। इससे उपद्रवियों को परिसर अंदर घुसने का माैका मिल गया।
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