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हरेश पचौरी हत्याकांड: 20 करोड़ की जमीनों पर कब्जे के लिए हुई हत्या, पुलिस ने किया खुलासा
Tue, 29 Dec 2020 08:55 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 29 Dec 2020 08:55 AM IST
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हरेश पचौरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आगरा सदर के दस्तावेज लेखक एवं प्रापर्टी डीलर हरेश पचौरी हत्याकांड का खुलासा हो जाने का दावा पुलिस ने रविवार को किया। हत्याकांड की सुपारी देने वाले विष्णु प्रकाश रावत और रेकी करने वाले सुनील उर्फ सोनू रावत को गिरफ्तार किया है। नामजद विष्णु और भानु प्रताप मुदगल उर्फ बीपी हरेश के 1.80 करोड़ रुपये हड़प चुके थे। अब ताजगंज और सदर क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये से अधिक की जमीनों पर कब्जे और वर्चस्व कायम करने के लिए हत्या करवाई। दस लाख की सुपारी शूटर सचिन कंजा को दी। हालांकि शूटर और बीपी मुदगल पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं।
हरेश पचौरी हत्याकांड के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सदर स्थित राजेश्वर मंदिर के बराबर में रहने वाले दस्तावेज लेखक और प्रापर्टी डीलर हरेश पचौरी की 19 दिसंबर को राजपुर चुंगी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को अंजाम दो शूटरों ने दिया था। इस मामले में मृतक के भतीजे राहुल पचौरी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि बीपी और विष्णु जमीन बेचने के नाम पर हरेश से 1.80 करोड़ रुपया लेकर हड़प चुपे थे। विष्णु प्रकाश रावत निवासी गांव कहरई और भानुप्रताप मुद्गल उर्फ बीपी निवासी नगला कली को नामजद किया था।
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सीसीटीवी फटेज में वारदात कैद
- फोटो : अमर उजाला
गोलीकांड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। इसमें एक शूटर की पहचान हो गई थी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि घटना के खुुलासे के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में थाना सदर की टीम को लगाया गया। रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में प्रकाश में आया अभियुक्त सुनील रावत उर्फ सोनू रावत ताजगंज स्थित सौ फुटा रोड पर मौजूद है। वह कहीं जाने की फिराक में है। पुलिस ने सुनील को पकड़ लिया। बाद में रोहता से विष्णु प्रकाश रावत को पकड़ लिया गया।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
दस लाख रुपये में किया था जान का सौदा
सुनील ने पुुलिस की पूछताछ में बताया कि हत्या की सुपारी निबोहरा के चमरौली निवासी शूटर सचिन कंजा और अशोक उर्फ आकाश यादव को दी थी। दस लाख रुपये देना तय हुआ था। सचिन कंजा को एडवांस में पांच लाख रुपये दिए थे। सुपारी के साथ सचिन कंजा ने तय किया था कि जो जमीन मिलेगी उसमें दस प्रतिशत की उसकी भी हिस्सेदारी होगी। एक महीने से प्लान बना रहे थे। सचिन हाल में ताजगंज में रह रहा था।
सुनील ने पुुलिस की पूछताछ में बताया कि हत्या की सुपारी निबोहरा के चमरौली निवासी शूटर सचिन कंजा और अशोक उर्फ आकाश यादव को दी थी। दस लाख रुपये देना तय हुआ था। सचिन कंजा को एडवांस में पांच लाख रुपये दिए थे। सुपारी के साथ सचिन कंजा ने तय किया था कि जो जमीन मिलेगी उसमें दस प्रतिशत की उसकी भी हिस्सेदारी होगी। एक महीने से प्लान बना रहे थे। सचिन हाल में ताजगंज में रह रहा था।
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हरेश पचौरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
जमीनों के सौदों पर बीपी और हरेश में ठन गई थी
सुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गायत्री रिट्रीट में जमीन का सौदा हुआ था। इसके लिए उसके चाचा विष्णु प्रकाश रावत ने पार्टनरों के साथ समझौता किया था। मगर, यह समझौता हरेश पचौरी ने लागू नहीं होने दिया। इस जमीन की कीमत तकरीबन 20 करोड़ रुपये है। इस कारण विष्णु प्रकाश रावत ने हरेश पचौरी की बैंक कालोनी में 1.65 करोड़ रुपये के सौदे को पूरा नहीं होने दिया। इस पर बीपी और हरेश के बीच ठन गई। बाद में हाथापाई हो गई थी। इस दौरान फायरिंग भी हुई थी।
सुनील ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गायत्री रिट्रीट में जमीन का सौदा हुआ था। इसके लिए उसके चाचा विष्णु प्रकाश रावत ने पार्टनरों के साथ समझौता किया था। मगर, यह समझौता हरेश पचौरी ने लागू नहीं होने दिया। इस जमीन की कीमत तकरीबन 20 करोड़ रुपये है। इस कारण विष्णु प्रकाश रावत ने हरेश पचौरी की बैंक कालोनी में 1.65 करोड़ रुपये के सौदे को पूरा नहीं होने दिया। इस पर बीपी और हरेश के बीच ठन गई। बाद में हाथापाई हो गई थी। इस दौरान फायरिंग भी हुई थी।