फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भ्रूण लिंग परीक्षण: मास्टमाइंड सहित आठ आरोपियों को जेल, पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 22 Mar 2021 12:11 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 22 Mar 2021 12:11 AM IST
विज्ञापन
Police sent eight accused of fetal gender testing to jail in agra
भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह की मास्टरमाइंड सरिता को पकड़कर ले जाती महिला पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

आगरा के यमुनापार इलाके में भ्रूण लिंग परीक्षण का गोरखधंधा पिछले दो साल से चल रहा था। इसका खुलासा शनिवार को पकड़े गए आरोपियों से हुआ है। एसटीएफ ने शनिवार को भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। अछनेरा के रैपुरा अहीर से सात और ट्रांसयमुना कॉलोनी के फेज दो से एक नर्स को पकड़ा था। रविवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिए गए। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह के मास्टरमाइंड सरिता और धीरज दो साल से यह धंधा कर रहे थे। हर महीने एक से दो लाख रुपये की काली कमाई कर रहे थे।

Police sent eight accused of fetal gender testing to jail in agra
भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोपी (जमीन पर बैठे हुए) - फोटो : अमर उजाला

एसटीएफ ने शनिवार शाम को अछनेरा के रैपुरा अहीर में योगेंद्र सिंह उर्फ बनिया के घर में दबिश दी थी। यहां गर्भवती महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा था। पुलिस ने छह लोगों को पकड़ा था। दो कार और तीन अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की गई थीं। वहीं गर्भवती महिला के पति भरत सिंह को भी मौके से गिरफ्तार किया। आरोपी धीरज महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था। धीरज से पूछताछ के बाद ट्रांसयमुना कॉलोनी फेज दो से प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव कुमार के घर से मास्टरमाइंड सरिता को पकड़ा था। वहीं एक अन्य आरोपी भी घर से पकड़ा। उधर, डॉ. राजीव कुमार और पंकज तिवारी भागने में सफल रहे। पुलिस ने सरिता के साथ पकड़े गए युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। रविवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। 

Police sent eight accused of fetal gender testing to jail in agra
इसी मकान से बरामद हुई थी अल्ट्रासाउंड की मशीन - फोटो : अमर उजाला

एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि धीरज और सरिता दो साल से यह काम कर रहे हैं। एजेंट के माध्यम से ग्राहक से रकम तय करते थे। वह खुद अपनी कार से मशीन लेकर गर्भवती महिला के घर पर पहुंच जाते थे। एक महिला के आठ से दस हजार रुपये लेते थे। इसमें से सरिता और धीरज को दो-दो हजार मिलते थे। बाकी रकम एजेंट आपस में बांट लेते थे। एक महीने में तकरीबन सौ महिलाएं के भ्रूण लिंग परीक्षण कर लेते थे। इस तरह से एक से दो लाख रुपये तक की कमाई करते थे। प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव कुमार और मुरैना के पंकज तिवारी की तलाश की जा रही है। वह फरार हो गए हैं। जिस मकान में सरिता रह रही थी, वह राजीव कुमार का है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Police sent eight accused of fetal gender testing to jail in agra
अस्पताल में कार्रवाई करती एसटीएफ और पुलिस टीम, जमीन पर बैठे आरोपी - फोटो : अमर उजाला

यह दर्ज हुआ मुकदमा 
इस मामले में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके अग्निहोत्री ने मुकदमा दर्ज कराया है। धारा 420, 120बी, 315, 23/25/18 प्री नटल डाइग्नोस्टिक टेक्निक अधिनियम 1994 एवं जन्म पूर्व परीक्षण तकनीक (दुरुपयोग के नियमन एवं बचाव) अधिनियम 2002 की धारा 4 (1) (बी,सी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। 

इनकी हुई गिरफ्तारी
योगेंद्र उर्फ बनिया निवासी रैपुरा अहीर, थाना अछनेरा, योगेंद्र निवासी रैपुरा अहीर, बंटी उर्फ मोहन निवासी नगला मुल्ली, थाना सिकंदरा, धीरज निवासी महावीरपुरा, कोतवाली, मुरैना, मध्य प्रदेश, रंजीत निवासी न्यू कॉलोनी, उरावली, थाना सिरौल, ग्वालियर, भरत सिंह पुत्र बच्चू सिंह निवासी सिगौरापुरा, बसई नवाब, थाना कौलारी, धौलपुर, राजस्थान, भरत सिंह पुत्र रमेश चंद्र राजपूत निवासी गोपऊ का नगला, थाना अछनेरा, सरिता पत्नी उमेश सिंह निवासी ट्रांसयमुना कॉलोनी फेज-दो। पुलिस ने आरोपियों से 84090 रुपये, चार अल्ट्रासाउंड मशीन, 13 मोबाइल, दो आधार कार्ड, दो पेन कार्ड, दो कार, एक बाइक बरामद की है।

विज्ञापन
Police sent eight accused of fetal gender testing to jail in agra
एसटीएफ ने पकड़ा भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला गैंग - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि सरिता मूलरूप से हाथरस की रहने वाली है। पति से तलाक हो गया है। उसके दो बच्चे हैं। इस समय टेढ़ी बगिया में रह रही है। उसने इंटरमीडिएट पास करने के बाद नर्सिंग का कोर्स किया था। उसे हॉस्पिटल से 15 हजार रुपये महीना मिलते थे। इसके पास से एक लाख रुपये कीमत के चार मोबाइल मिले, जिनमें से एक आईफोन भी है। वह डेढ़ लाख रुपये के जेवरात पहने हुए थी। सरिता ने पूछताछ में बताया कि वह दो साल से यह काम कर रही है। एक महीने में सौ महिलाओं का भ्रूण लिंग परीक्षण करती थी। उसे एक परीक्षण पर दो हजार रुपये तक मिल जाते थे। सरिता का दो महीने पहले बंटी और योगेंद्र से कमीशन की रकम को लेकर विवाद हो गया था। इस पर वो दोनों धीरज को बुलाने लगे थे। सरिता अपना अलग काम करने लगी थी। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed