आगरा के बिचपुरी मार्ग स्थित होटल एआर पैलेस में बिना पहचान पत्र के युवक-युवतियों को कमरे किराए पर दिए जाते हैं। होटल स्टाफ घंटे के हिसाब से रुपये वसूलता था। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने सोमवार दोपहर को होटल पर छापा मारा तो इसका खुलासा हुआ। छापे के दौरान होटल के कमरों में 18 युवक-युवतियां मिले। ये सभी आसपास के कॉलेजों के पढ़ते हैं। कोई कॉलेज तो कोई कोचिंग जाने के बहाने घर से आया था। पुलिस ने युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
आगरा: होटल में घंटे के हिसाब से मिलते थे कमरे, पुलिस ने मारा छापा तो हुआ बड़ा खुलासा
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700 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से कमरा
सीओ लोहामंडी ने बताया कि होटल के रजिस्टर में दो लोगों की ही एंट्री थी। युवक-युवतियों को प्रति घंटे 500-700 रुपये के हिसाब से कमरा दिया गया था। किसी से आईडी नहीं जमा कराई थी। युवतियां आसपास के ही कॉलेजों की छात्राएं थीं। उनके घरवालों को बुलाया गया। उन्हें लिखापढ़ी में परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। सभी मलपुरा, छत्ता, लोहामंडी, सदर, शाहगंज, जगदीशपुरा के रहने वाले थे।
पुलिस के छापे के बाद युवतियां रोने लगीं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया कि थाने लेकर जा रहे हैं। जो पूछा जाए सही से बता देना। होटल में कोई कॉलेज जाने के बहाने आई थीं तो कोई कोचिंग पढ़ने के बहाने। उनका कहना था कि मां-बाप को पता चला तो बहुत डांटेंगे। मगर, पुलिस का कहना था कि बच्चे कहां जा रहे हैं? इस बात की जानकारी परिजनों को भी होनी चाहिए। इसलिए उन्हें बुलाया गया।
सीओ लोहामंडी ने बताया कि होटल का भवन जगदीशपुरा के नगला अक्खे निवासी अजय चौधरी का है। उन्होंने होटल के संचालन के लिए गांव मघटई निवासी गजेंद्र उर्फ अभिषेक चौधरी को दे रखा है। होटल में दोनों में से कोई नहीं मिला। गजेंद्र के पिता मनवीर होटल के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा पाए। मनवीर और कर्मचारी देवराज, गोपाल और अनिल को थाने ले आए। होटल के रजिस्टर को जब्त कर लिया है। इसमें 28 जनवरी के बाद की एंट्री नहीं थी। वहां शराब की बोतलें भी मिली हैं। डीएम और एडीए के पास रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। यदि लाइसेंस होगा तो इसे निरस्त कराने की रिपोर्ट भेजी जाएगी।