आगरा के अस्पतालों का हाल: न बिस्तर मिल रहा...न ऑक्सीजन, इलाज के लिए तड़प रहे मरीज
ताजगंज निवासी 70 वर्षीय व्यक्ति को रविवार रात से बुखार है। ऑक्सीजन स्तर 90 से कम है। बिना कोविड रिपोर्ट अस्पताल ने सोमवार को भर्ती नहीं किया। घर के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिला। मरीज की हालत गंभीर है।
केस- दो
फिरोजाबाद से 60 वर्षीय रामवीर को सांस की तकलीफ है। ऑक्सीजन सपोर्ट पर सोमवार दोपहर एंबुलेंस से एसएन इमरजेंसी पहुंचे। बेड खाली नहीं होने के कारण एक घंटे एंबुलेंस में शिफ्टिंग के लिए तड़पते रहे।
केस-तीन
दयालबाग निवासी 77 वर्षीय महिला में सीटी स्कैन जांच से संक्रमण की पुष्टि हुई है। रातभर दामाद भर्ती कराने को भटकता रहा। बेड नहीं मिला। अमर उजाला के हस्तक्षेप पर डीएम ने सोमवार दोपहर मरीज को बेड उपलब्ध कराया।
खुद करो ऑक्सीजन का इंतजाम
अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत है। भर्ती होने वाले मरीजों के तीमारदारों से ऑक्सीजन का इंतजाम करने के लिए कहा जा रहा है। कमला नगर निवासी हरीश गुप्ता ने बताया कि मेरे पिताजी को सांस की तकलीफ है। अस्पताल में भर्ती कराने के लिए कहा तो उन्होंने ऑक्सीजन नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि खुद ऑक्सीजन का इंतजाम कर लाओ, हम भर्ती कर लेंगे।
नियमित हो रही समीक्षा
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने बताया कि सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों में नियमित बेडों की समीक्षा हो रही है, बेड की कमी नहीं है। नए निजी कोविड अस्पताल भी चिह्नित किए जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के विस्फोटक हालातों में कोई बेड को तरस रहा है, कोई ऑक्सीजन के लिए। किसी को दवाइयां नहीं मिल रहीं तो कोई जांच न हो पाने से परेशान है। अमर उजाला के पाठकों के इन सवालों का जवाब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने दिया।
सवाल: मरीज भर्ती के लिए बेड नहीं मिले तो क्या करें ?
जवाब: घबराएं नहीं, कंट्रोल रूम पर कॉल करें, बेड उपलब्ध कराएंगे।
सवाल: क्या रेमडेसिविर के बिना मरीज ठीक हो जाएगा ?
जवाब: रेमडेसिविर के अलावा अन्य दवाएं उपचार में पूरी तरह कारगर हैं।
सवाल: लक्षण होने पर बुजुर्ग जांच के लिए क्या करें ?
जवाब: चलने-फिरने में असमर्थ हैं तो उनके घर से सैंपल लिया जाएगा।
सवाल: कोविड जैसे लक्षण होने पर क्या स्वयं दवाएं ले सकते हैं ?
जवाब: हां, अब शासनादेश हो गया है। कोविड ट्रीटमेंट स्वयं कर सकते हैं।
सवाल: कितने दिन और संक्रमण का प्रभाव तेज रहेगा ?
सवाल: उम्मीद है 10 से 15 दिन में हालात फिर सामान्य हो जाएंगे।