आगरा के सूर सरोवर पक्षी विहार की शांत फिजां में अठखेलियां करते फ्लेमिंगो, ग्रेटर पेलिकन, कारमोरेंट समेत 125 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों की चहचहाहट में डीजल-पेट्रोल चलित वाहनों का शोर खलल नहीं डाल पाएगा। सूर सरोवर पक्षी विहार के प्रवेश द्वार पर ही डीजल-पेट्रोल की कारों तथा अन्य वाहनों को रोक दिया जाएगा। गेट पर ही पार्किंग बनाई जाएगी, जहां से ई-रिक्शा, बैटरी वाहनों और गोल्फ कार्ट के जरिए कीठम झील तक पर्यटक पहुंच सकेंगे। नेशनल चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट ने सेंक्चुरी क्षेत्र में वाहनों के संचालन पर रोक लगाने का फैसला किया है।
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सूर सरोवर पक्षी विहार का द्वार
- फोटो : अमर उजाला
कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार में अक्टूबर से फरवरी तक 30 हजार से ज्यादा प्रवासी और अप्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले सूर सरोवर पक्षी विहार की कीठम झील में मछलियों की भारी मौजूदगी के कारण पक्षियों को यह पक्षी विहार रास आता है, जहां उनकी चहचहाहट दिनभर गूंजती हैं। वाहनों के शोर से पक्षियों की अठखेलियों में खलल पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए नेशनल चंबल सेंक्चुरी प्रोजेक्ट के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने गेट पर ही वाहनों को रोककर कीठम झील तक गोल्फ कार्ट, बैटरी रिक्शा से पर्यटकों को अंदर ले जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
कीठम झील से मथुरा रिफाइनरी को पानी दिया जाता है। इसके पास ही रक्षा विभाग को आवंटित जमीन के पास ही पार्किंग की जगह खाली पड़ी है। कीठम के घने जंगल के बीच ही गेट के पास पार्किंग के लिए बड़ी जगह है, जहां 50 से ज्यादा कारें आ सकती हैं। यहीं पर डीजल-पेट्रोल के वाहनों की पार्किंग कराकर गोल्फ कार्ट से पर्यटकों को ले जाया जाएगा। झील के पास आगरा भालू संरक्षण केंद्र है, वहीं सूरदास नेत्रहीन विद्यालय भी अंदर है, जहां शहर के लोग भी पहुंचते हैं। इसीलिए यहां दो गोल्फकार्ट, ई-रिक्शा और साइकिल के जरिए सैलानियों को झील तक पहुंचाया जाएगा।
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
सूर सरोवर पक्षी विहार की झील तक पर्यटक अपने वाहन लेकर जाते हैं और भालू संरक्षण केंद्र पर पार्किंग करते हैं। वाहनों के शोर के कारण झील के पास पक्षी नजर नहीं आते। पक्षियों को देखने के लिए वॉच टॉवर तक जाना पड़ता है। रिफाइनरी प्लांट के आगे जाने पर ही पक्षियों की चहचहाहट और अठखेलियां नजर आती हैं। इसी तरह झील में भी इंजीनियरिंग कॉलेज के छोर पर ही पक्षी टापुओं पर बैठे दिखते हैं।
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सूर सरोवर पक्षी विहार में अठखेलियां करते पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के. प्रवीन राव ने बताया कि वाहनों के शोर से पक्षियों पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए सूर सरोवर पक्षी विहार में वाहनों को अंदर नहीं ले जाने देंगे। गेट से झील और संरक्षण केंद्र तक गोल्फकार्ट, बैटरी रिक्शा के जरिए अंदर जा सकेंगे। वहीं गोल्फ कार्ट ड्राइवरों को हम कीठम की जैव विविधता और पक्षियों की जानकारी देंगे, जिससे वह पर्यटकों को लाते-ले जाते समय उनके बारे में बता सके।