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वृंदावन के मंदिरों में कोरोना वायरस से तो भगवान बचाए, भक्त बेफिक्र, प्रशासन बेखबर
Tue, 17 Mar 2020 12:50 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 17 Mar 2020 12:50 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : Amar Ujala
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए देशभर में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन तीर्थनगरी वृंदावन जहां प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु आते हैं, वहां के मंदिरों में बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं। यहां आने वाले भक्त मंदिरों की देहरी से लेकर अन्य स्थानों को स्पर्श करते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के फैलने का खतरा है। मंदिर प्रबंधन से लेकर जिला प्रशासन तक इस खतरे से बेखबर है।
बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि कोरोना वायरस के खौफ पर आस्था भारी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि ठाकुरजी ने दर्शन दिए, तो हजारों हाथ राधे-राधे की जयकार के साथ ऊपर उठते हैं। जैसे श्रद्धालुओं को कोरोना की कोई चिंता ही नहीं है। उधर, चिकित्सकों के अनुसार बैरीकेडिंग, दरवाजा तथा अन्य सामान पर कोरोना से ग्रसित का हाथ लगने से संक्रमण फैल सकता है।
बांकेबिहारी मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनेश शर्मा ने कहा कि हमने कोरोना से बचने के लिए स्टाफ को तो एक होम्योपैथिक दवा दी है, लेकिन मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं या अन्य प्रकार की सावधानी तो वही बरती जाएगी जो प्रशासन कहेगा। अभी तक प्रशासन ने हमारे लिए कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है।
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इस्कॉन मंदिर
- फोटो : Amar Ujala
इस्कॉन मंदिर के पीआरओ सौरभ त्रिविक्रम दास ने बताया कि तीनों गेट सहित मंदिर के अंदर भी साफ-सफाई में सैनेटाइजर का प्रयोग किया जा रहा है। मंदिर के स्टाफ को हाई क्वालिटी के मॉस्क दिए गए हैं। कहा गया है कि वो अन्य भक्तों से दूरी बनाकर रखें। साथ ही मंदिर प्रवेश करने वाले प्रत्येक भक्त से निवेदन किया जा रहा है कि वो मॉस्क पहनकर ही मंदिर में प्रवेश करें।
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निधिवन में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
निधिवन राज मंदिर के सेवायत विक्की गोस्वामी ने कहा कि हम मंदिर के दरवाजों तथा फर्श की साफ-सफाई के लिए सैनेटाइजर का प्रयोग करेंगे। अधिकतर श्रद्धालु निधिवन में मास्क पहनकर आ रहे हैं। फिर भी हम उनसे निवेदन कर रहे हैं कि वो मॉस्क पहनकर ही प्रवेश करें। निधिवन में इतना स्थान है कि लोग एक दूसरे से दूरी बना लेते हैं।