आगरा चौहरा हत्याकांड: कातिल अब भी पकड़ से दूर, परिचितों से पूछताछ के बाद उलझी आगरा पुलिस
पुलिस ने रामबाग निवासी संतोष को भी पकड़ा है। वह रेखा के पिता विनोद के फुफेरे भाई का बेटा है। कॉल डिटेल में उसका नंबर निकला था। वह लगातार रेखा से बात किया करता था। संतोष की घर में ही परचून की दुकान है। वह शादीशुदा है। उसके तीन बच्चे भी हैं। रेखा से उसने आठ महीने पहले स्कूटर भी लिया था। इस बात की जानकारी उसके पिता को भी नहीं थी। पिता घर से कुछ दूरी पर ही रहते हैं। वह कम ही बेटे से बात करते थे। बुधवार को जिस दिन हत्या हुई, संतोष का मोबाइल दोपहर में दो घंटे के लिए बंद था। 22 और 23 जुलाई को संतोष नोएडा चला गया था। उसके नोएडा जाने की जानकारी घरवालों को भी नहीं थी। इससे पुलिस का उस पर शक गहरा गया। हालांकि उससे पूछताछ के बाद कुछ नहीं निकला। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि संतोष रेखा के आगरा से दिल्ली जाने की तैयारी करने की वजह से खुश नहीं था। उसे जाने के लिए मना कर रहा था। वह जैनुद से बात करने का भी विरोध करता था। पुलिस अब यह पता कर रही है कि संतोष किन लोगों के संपर्क में था। घटना वाले दिन वो कहां-कहां गया।
पुलिस ने 12 से अधिक लोगों से हत्याकांड को लेकर पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि कातिल ने घर में कोई सुराग नहीं छोड़ा है। वह कब आया और कब गया? यह तक पुलिस को पता नहीं चल सका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घर के अंदर से भी ऐसा कुछ नहीं मिला, जो कि सुराग बन सके।
इन हत्याकांड की गुत्थी भी अनसुलझी
- साल 2021 में खंदौली में एक्सप्रेसवे पर एक महिला की लाश मिली थी। महिला की हत्या करके फेंका गया था। पुलिस की कई टीम लगीं, लेकिन जांच बेनतीजा रही।
- सिकंदरा में अंसल कोर्टयार्ड के जंगल में महिला की लाश मिली। उसे जलाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी।
- साल 2020 में रकाबगंज में आगरा किला के पास एक लैब कर्मचारी की हत्या कर दी गई थी। उसका खुलासा भी अब तक नहीं हो सका है।
- साल 2019 में एत्माद्दौला में घर में दरोगा लक्ष्मी राज सिंह की पत्नी कुशल देवी की हत्या हो गई थी। पुलिस हत्या का खुलासा अब तक नहीं कर सकी है।
- साल 2015 में खंदारी में कारोबारी अवनीश ग्रोवर और उनकी पत्नी ऊषा रानी ग्रोवर की हत्या कर दी गई थी। शव गैराज में मिले थे। उनके मुंह, हाथ और पैर टेप से बांधे गए थे। हत्याकांड का अब तक खुलासा नहीं हो सका।