आगरा के सेक्टर-16 में पुनीत अग्रवाल के गोदाम में घुसकर लूट करने वाले बदमाश रेकी करके आए थे। उन्हें व्यापारी के पास कैश की जानकारी थी। दोनों बदमाशों की उम्र कम थी। एक बदमाश के गोदाम के बाहर भी खड़ा होने की आशंका है। जाने से पहले वे व्यापारी की डायरी पर 15 लाख हर कीमत पर जल्दी लिग गए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक कर रही है। पुनीत अग्रवाल ने बताया कि एक बदमाश के हाथ में रॉड लगी थी। उसने सफेद शर्ट और जींस पहने थी। यह जींस घुटने पर फटी हुई थी। रॉड उनकी गर्दन पर लगा दी। दूसरा बदमाश लाल शर्ट और काले रंग की पेंट पहने था। उसने उनके पेट पर घुटना रख दिया। इसके बाद गोदाम में रखी रस्सी से हाथ और गर्दन को बांध दिया। दोनों बदमाश की उम्र 25 से 30 साल थी। उनसे कहा कि कैश कहां पर है। जल्दी निकालकर दे दो। इसी बीच उन्होंने अपने हाथ की सोने की अंगूठी बदमाशों की नजर बचाकर उतारकर कुर्सी के नीचे फेंक दी। बदमाश ने बैग से कैश निकालने के बाद जेबों में भर लिया। तभी बाहर से एक आवाज आई। आशंका है कि तीसरा बदमाश बाहर खड़ा था। एक बदमाश ने उनकी डायरी पर लिखा कि 15 लाख हर कीमत पर जल्दी और चले गए।
आगरा में व्यापारी से लूट: बदमाशों को थी रुपयों की जानकारी, डायरी में लिख गए ‘15 लाख हर कीमत पर जल्दी’
व्यापारी कुर्सी सहित कमरे के गेट तक आए। यहां मोबाइल पड़ा था। उन्होंने अपने पड़ोसी दोस्त मुकुल को फोन किया। वह कॉलेज में थे। इस पर उन्होंने अपने मित्र शिवम को भेजा। उन्होंने आकर व्यापारी के हाथ खोल दिए। पुलिस को सूचना दी। व्यापारी का कहना है कि बदमाश डायरी में लिख गए 15 लाख हर कीमत जल्दी... उन्हें इसका मतलब समझ नहीं आ रहा है। ऐसा क्यों लिखकर गए हैं। उन्हें डर है कि बदमाश फिर न आ जाएं।
बदमाशों को कैसे पता लगा
व्यापारी ने बताया कि रोजाना कैश आता है। गुरुवार को बाहर से भी कैश लेकर आए थे। वह खुद ही माल की सप्लाई करते हैं। कोई कर्मचारी भी नहीं रखा है। फिर भी बदमाशों को कैसे पता चला कि उनके पास कैश है। पुलिस यही जांच कर रही है। मार्ग पर कोई सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा है। बदमाश किस वाहन से आए थे, यह भी पता नहीं चल सका है।
कॉलोनी में दहशत
पुलिस के पहुंचने पर कॉलोनी के लोगों को एजेंसी के गोदाम में लूटपाट का पता चला। इस पर लोग घरों के बाहर आ गए। दिनदहाड़े वारदात से दहशत में आ गए। लोगों का कहना था कि सेक्टर-16 में रेलवे लाइन के किनारे कई परिवार रहते हैं। यहां पर बाहरी लोग आकर बस गए हैं। रेलवे लाइन पार करके गुरुद्वारा गुरु का ताल की तरफ भी जाया जा सकता है।
व्यापारी पुनीत के भाई रोहित ने बताया कि उनके पिता अशोक अग्रवाल की सितंबर 2020 में कोरोना से मौत हो गई थी। रोहित लैब टेक्नीशियन हैं, जबकि तीसरे नंबर का भाई मोहित इंजीनियर है।