आगरा में शनिवार को मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के कार्यालय से साढ़े नौ करोड़ का सोना लूटकर भागे बदमाशों ने एसपी सिटी और थाना निरीक्षक के सीने पर गोलियां दागी थीं। गनीमत रही कि दोनों पुलिस अधिकारी बुलेट प्रूफ जैकेट पहने थे, जिससे उनकी जान बच गई। सोना लूटकर बदमाश एत्मादपुर के मेडिकल स्टोर में घुस गए थे। पुलिस बाहर खड़ी थी।
आगरा डकैती कांड: मुठभेड़ में बदमाशों ने एसपी सिटी और इंस्पेक्टर के सीने पर दागी थीं गोलियां, ऐसे बची जान
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दोनों पुलिस अधिकारी बुलेट प्रूफ जैकेट पहने हुए थे। दोनों की जान बच गई। इसके बाद पुलिस ने जवाब में गोलियां चलाईं। पुलिस की ओर से 9 एमएम पिस्टल से आठ फायर किए गए। इसमें बदमाशों के गोली लग गई। उनकी तरफ से आवाज आना बंद होने पर पुलिस दुकान में घुसी। बदमाशों के पास बैग और दो पिस्टल बरामद हुईं। पुलिस ने घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। उधर, घटना स्थल से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं।
एसपी सिटी के मुताबिक, निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय ने अपने साथियों के नाम मरने से पहले बता दिए थे। इनमें फिरोजाबाद निवासी नरेंद्र उर्फ लाला, अंशू सोलंकी और प्रभात शर्मा बताया। पुलिस तीनों के अपराधिक इतिहास की जानकारी ले रही है।
...तो बच गया 3.5 किलोग्राम सोना
पुलिस का कहना है कि कंपनी के शाखा प्रबंधक ने 19 किलोग्राम सोना और छह लाख रुपये लूट की बात लिखी हैं। हालांकि कंपनी के स्ट्रांग रूम में 3.5 किलोग्राम सोने के पैकेट रखे हुए मिले गए हैं। इससे आशंका है कि यह बचा हुआ सोना है। शाखा में कुल 19 किलोग्राम ही सोना था। ऐसे में शाखा प्रबंधक से लूटे गए सोने के दस्तावेज मांगे हैं। वहीं बरामद सोने की पहचान कराई गई। शाखा प्रबंधक ने बरामद सोना और कैश शाखा का ही बताया है।