{"_id":"5ef983748ebc3e43163217da","slug":"mgnrega-laborers-dug-65-km-to-revive-two-rivers-in-agra","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दो नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए 65 किमी तक खोदाई, 1500 मजदूरों को मिला रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए 65 किमी तक खोदाई, 1500 मजदूरों को मिला रोजगार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 29 Jun 2020 12:09 PM IST
सार
उटंगन और किवाड़ को जीवित करने के लिए 65 किमी की खोदाई
दोनों नदियों की सिल्ट निकाली जा रही, 20 गांव को मिलेगा फायदा
विज्ञापन
1 of 5
खोदाई करते मनरेगा मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
आगरा जिले में दो बरसाती नदियों को नई जिंदगी मिलने जा रही है। इससे मनरेगा मजदूरों को काम भी मिला है। खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन और किवाड़ नदी की 65 किलोमीटर सिल्ट सफाई कर उसका पुनरुद्धार कार्य पूरा हो चुका है। मनरेगा के तहत और काम जारी है। प्रशासन का कहना है कि इन नदियों के पुनर्जीवित होने से 20 गांवों को फायदा होगा। नदियों की सफाई में 1500 मजदूर कार्य कर रहे हैं।
2 of 5
सूखी पड़ी उटंगन नदी
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ों के बरसाती पानी से बनने वाली दो नदियों का मनरेगा से जीर्णोद्धार का प्रशासन ने खाका खींचा। लॉकडाउन के दौरान बाहर से लौटे मजदूरों को काम दिया। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि कुदाल-फावड़ों से श्रमिकों ने नदी में जमा सिल्ट, झाड़ियां व मिट्टी के टीले काट कर उन्हें समतल किया है।
3 of 5
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी ने बताया कि 1500 मजदूरों ने तीन शिफ्ट में दोनों नदियों में श्रम किया। 8262 श्रमिक दिवस सृजित हुए। किवाड़ नदी को 35 किमी और उटंगन नदी में 30.5 किमी में तलीझाड़ सफाई की गई। अभी कार्य जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
सांसद राजकुमार चाहर
- फोटो : अमर उजाला
गुम हो गई थी नदी की धारा: सांसद
फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि दोनों नदियों में 65 किमी तक धारा गुम हो गई थी। बरसात का पानी नदी में न बहकर तटबंध तोड़कर बहता था। मैंने प्रशासन से दोनों नदियों का कायाकल्प मनरेगा से कराने की मांग की। इसके बाद 25 दिन काम चला। अब नदी के किनारे बरसात के लिए तैयार हैं। गुम हो चुकी धारा भी नदी में कलकल बहती दिखाई देगी।
विज्ञापन
5 of 5
उटंगन नदी में मनरेगा मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
20 गांवों में लहलहाएगी फसल: सीडीओ
मुख्य विकास अधिकारी जे. रीभा ने बताया कि नदी किनारे बसे 20 से ज्यादा गांवों में नदियों की सफाई से सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। साल में आठ माह पानी का इंतजाम रहेगा। किसानों की फसल लहलहाएगी। पूरा काम श्रमिकों ने हाथों से किया है। कोई भी मशीन इस्तेमाल नहीं की गई।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।