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परिवार संग अपना जन्मदिन मनाकर यह वादा करके गए थे पंकज, आई शहादत की खबर

Thu, 28 Feb 2019 03:39 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 28 Feb 2019 03:39 PM IST
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Mathura's Pankaj Nouhwar martyr chopper crash in badgam
रोते बिलखते शहीद पंकज के परिजन
मथुरा की बालाजीपुरम कॉलोनी के रहने वाले एयरफोर्स के जांबाज पंकज सिंह नौहवार देश सेवा में कुर्बान हो गए। उनकी शहादत के खबर मिलने के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है। शहीद की पत्नी, माता-पिता व अन्य परिजनों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। अश्रुधार के बीच शहीद पंकज का मासूम बेटा पापा को तलाश रहा है। वो अपने पापा की शहादत से अनजान है। उसे नहीं मालूम कि मम्मी, दादा-दादी क्यों रो रहे हैं, लेकिन उन्हें रोता देख वो भी फफक पड़ता है और मोबाइल पर पापा की तस्वीर देख खामोश हो जाता है। 
Mathura's Pankaj Nouhwar martyr chopper crash in badgam
शहीद पंकज सिंह नौहवार
बालाजीपुरम में रहने वाले रिटायर सूबेदार मेजर नौबत सिंह के पुत्र पंकज 2012 में वायु सेना में एयरमैन तकनीकी के पद पर भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में पंकज की तैनाती एयरफोर्स स्टेशन श्रीनगर में थी। पंकज की 26 फरवरी को मां रेखा नौहवार और भाई अजय से बात हुई थी। जम्मू-कश्मीर के बडगाम में पंकज ने चॉपर से एक स्पेशल ऑपरेशन के लिए उड़ान भरी थी। अचानक चॉपर गिर गया। इसमें वो शहीद हो गए। पंकज 24 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए थे। उनका पार्थिव शरीर मथुरा लाया जा रहा है। 
Mathura's Pankaj Nouhwar martyr chopper crash in badgam
शहीद पंकज के परिजनों को ढांढस बांधते लोग
उन्होंने बताया था कि 27 फरवरी को स्पेशल ऑपरेशन के लिए रिहर्सल होना है। सुबह को उसमें व्यस्त रहेंगे। घर वालों ने बताया कि जब आज सुबह फोन किया तो बात नहीं हो पाई थी। फोन स्विच ऑफ जा रहा था। बुधवार की दोपहर को करीब ढाई बजे श्रीनगर यूनिट से फोन आया कि पंकज नहीं रहे। इतना सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। हर किसी का रो-रोकर बुरा हाल था। 
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Mathura's Pankaj Nouhwar martyr chopper crash in badgam
शहीद पंकज का डेढ़ वर्षीय बेटा रुद्रांश
घर वालों ने बताया कि 11 जनवरी को पंकज छुट्टी पर घर आए थे। 17 जनवरी को उन्होंने परिवार वालों के साथ अपना जन्मदिवस मनाया। तीन फरवरी को पंकज अपनी छुट्टी खत्म करके वापस गए थे। पंकज की पत्नी मेघा का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोग उसे शांत कराने की कोशिश करते मगर उसे आंसू थम नहीं रहे थे। मां और अन्य परिजनों को रोता देख शहीद का मासूम बेटा भी बिलख पड़ता है। 
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Mathura's Pankaj Nouhwar martyr chopper crash in badgam
फोटो 89 विलाप करती शहीद पंकज की मां और पत्नी व अन्य महिलाएं
पंकज की शादी 2015 को बुलंदशहर के गांव रसूलपुर निवासी मेघा चौधरी से हुई थी। इन दोनों के एक 16 महीने का बेटा भी है। पंकज ने कहा था कि अप्रैल में वो घर आएंगे। लेकिन कौन जानता था कि पंकज कभी वापस नहीं लौटेंगे। पंकज के भाई अजय ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन के लिए वायुसेना की यूनिट का मूवमेंट होना था। उसी के लिए रिहर्सल किया जा रहा था। अब वहां क्या हुआ यह अभी जानकारी नहीं है।
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