आगरा के सूर सरोवर पक्षी विहार के लिए पहली बार पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र (ईको सेंसिटिव जोन) का मास्टर प्लान बनेगा। सरोवर की प्रतिबंधित सीमा के बाहर संवेदनशील क्षेत्र का निर्धारण किया जाएगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वन एवं पर्यावरण, प्रदूषण समेत 10 विभागों की कमेटी प्रस्ताव तैयार करेगी।
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सूर सरोवर के लिए पहली बार बनेगा ईको सेंसिटिव जोन का मास्टर प्लान, जानिए क्या होगा खास
Sat, 06 Feb 2021 12:11 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 06 Feb 2021 12:11 AM IST
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
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सूर सरोवर पक्षी विहार आगरा
- फोटो : अमर उजाला
सूर सरोवर रामसर साइट घोषित हो चुका है। अब केंद्र सरकार ने यहां ईको सेंसिटिव जोन की अधिसूचना जारी करने के लिए जिला प्रशासन से मास्टर प्लान मांगा है। प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में वन विभाग, प्रदूषण बोर्ड, पर्यटन, सिंचाई, उद्यान, ग्राम्य विकास एवं नगर विकास समेत दस विभागों के साथ सरोवर क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए महायोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
सूर सरोवर पक्षी विहार में परिंदे
- फोटो : अमर उजाला
डीएफओ मनीष मित्तल ने बताया कि पहली बार सूर सरोवर के संवेदनशील क्षेत्र का निर्धारण हो रहा है। सूर सरोवर में एक किमी परिधि में संरक्षित क्षेत्र घोषित है। इसके बाहर संवेदनशील क्षेत्र के निर्धारण के बाद पारिस्थितिक तंत्र को बढ़ावा देने वाले काम किए जा सकेंगे। प्रदूषणकारी गतिविधियां, निर्माणों पर प्रतिबंध होगा।
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सूर सरोवर में प्रवासी पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
निर्माण, औद्योगिक कार्यों पर पड़ेगा असर
पक्षी विहार की सीमा के बाहर संवेदनशील क्षेत्र घोषित होने से कीठम समेत झील के आसपास क्षेत्र में निर्माण व औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। पर्यावरण व वन मंत्रालय की अनुमति से ही काम हो सकेंगे।
पक्षी विहार की सीमा के बाहर संवेदनशील क्षेत्र घोषित होने से कीठम समेत झील के आसपास क्षेत्र में निर्माण व औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। पर्यावरण व वन मंत्रालय की अनुमति से ही काम हो सकेंगे।
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जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विभागों से मांगा रिकार्ड
जिलाधिकारी ने बताया कि मास्टर प्लान में शामिल सभी विभागों से उनकी रिपोर्ट व रिकार्ड मांगा है। सेंसिटिव जोन के मानक के अनुरूप विकास कार्य करेंगे। एक महीने में मास्टर प्लान तैयार हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि मास्टर प्लान में शामिल सभी विभागों से उनकी रिपोर्ट व रिकार्ड मांगा है। सेंसिटिव जोन के मानक के अनुरूप विकास कार्य करेंगे। एक महीने में मास्टर प्लान तैयार हो जाएगा।