जिस आगरा किले से मुगलों ने पूरे देश पर राज चलाया, उस किले को दुश्मनों के हमले से बचाने वाली पानी की गहरी खाई और 70 से 80 फीट ऊंची दीवारों को सहेजा जा रहा है। छह महीने में यह काम पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद यह वैसी ही नजर आएगी, जैसी मुगल दौर में थी। किले के दिल्ली गेट से लेकर वाटर गेट तक सफाई की जाएगी। वाटर गेट से हाथीगेट होते हुए आगरा फोर्ट स्टेशन के पास तक खाई के हिस्से की दीवार गिर चुकी है।
{"_id":"601d12f037056542531df385","slug":"moat-and-walls-built-around-agra-fort-will-be-conservation","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"छह महीने बाद मुगलों के दौर जैसी नजर आएगी आगरा किले की खाई, जानिए इसका इतिहास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह महीने बाद मुगलों के दौर जैसी नजर आएगी आगरा किले की खाई, जानिए इसका इतिहास
Sat, 06 Feb 2021 12:10 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 06 Feb 2021 12:10 AM IST
विज्ञापन
आगरा किले की खाई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा किला
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा दिल्ली गेट से अमर सिंह गेट होते हुए यमुना किनारा रोड पर वाटर गेट तक आगरा किले की खाई की सफाई की जा रही है। किले की इस खाई में पानी भरा रहता था और उसके बाद 70 फीट ऊंची दीवारों को पार करने के बाद फिर एक और खाई है, जो किले के शाही महल से जुडे़ परिसर के बीच है।
आगरा किला में होता संरक्षण का कार्य (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
फरवरी के अंत तक सफाई का काम कर लिया जाएगा। उसके बाद खाई और लाल पत्थर की दीवारों का संरक्षण किया जाएगा। पत्थरों को बदलने के साथ केमिकल से सफाई की जाएगी। इस पर करीब 23 लाख रुपये खर्च होंगे। वाटरगेट के पास दीवार के कंगूरे गिर चुके हैं, जिनकी मरम्मत के साथ प्वाइंटिंग की जाएगी। इस पर 40 लाख रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आगरा किला में जाते सैलानी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
आगरा किले का दो तिहाई हिस्सा सेना के कब्जे में है, जिनमें वाटरगेट से हाथी गेट होते हुए दिल्ली गेट तक का हिस्सा है। अमर सिंह गेट पर्यटकों के लिए और दिल्ली गेट का इस्तेमाल सेना कर रही है। सेना के कब्जे वाले हिस्से में संरक्षण कार्य न होने के कारण खाई की एक दीवार गिर चुकी है, वहीं बाहरी दीवार के पत्थर भी गिर चुके हैं। हाथी गेट के पास खाई में घास और खरपतवार जमी हुई है।
विज्ञापन
आगरा किला के बाहर पर्यटक (फाइल)
- फोटो : Amar Ujala
बादलगढ़ का किला बाद में बन गया आगरा किला
एएसआई के मुताबिक आगरा में किले का सबसे पहला जिक्र महमूद गजनवी के आक्रमण के समय साल 1080 में मिलता है। 1475 में बादल सिंह द्वारा बनवाया गया बादलगढ़ का किला ध्वस्त होने के बाद इसी के अवशेषों पर सिकंदर लोदी ने पठानों का किला बनवाया। इब्राहीम लोदी के कब्जे में रहे इस किले पर 1526 में पानीपत के युद्ध में जीत के बाद मुगलों का अधिकार हो गया। जाटों और मराठों के बाद 1803 में यह किला अंग्रेजों के अधिकार में आ गया।
एएसआई के मुताबिक आगरा में किले का सबसे पहला जिक्र महमूद गजनवी के आक्रमण के समय साल 1080 में मिलता है। 1475 में बादल सिंह द्वारा बनवाया गया बादलगढ़ का किला ध्वस्त होने के बाद इसी के अवशेषों पर सिकंदर लोदी ने पठानों का किला बनवाया। इब्राहीम लोदी के कब्जे में रहे इस किले पर 1526 में पानीपत के युद्ध में जीत के बाद मुगलों का अधिकार हो गया। जाटों और मराठों के बाद 1803 में यह किला अंग्रेजों के अधिकार में आ गया।