कान्हा के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख बाजार सज चुके हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। पोशाक, मुकुट, झूले और अन्य आभूषणों को खरीदने के लिए दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। रावतपाड़ा और राजामंडी जैसे मुख्य बाजारों में बुधवार को दिनभर रौनक रही।
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कान्हा की पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
रावतपाड़ा में विक्रेता रजत गर्ग ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व की तैयारी तीन महीने पहले ही शुरू कर दी जाती है। लड्डू गोपाल की पोशाक और मुकुट के ऑर्डर काफी समय पहले दे दिए जाते हैं। अधिकतर सामान मथुरा से आता है। इसके अलावा राजकोट, नाथद्वारा और स्थानीय क्षेत्र से भी विशेष पोशाकें व शृंगार सामग्री मंगाई जाती हैं। लड्डू गोपाल के लिए 5 रुपये से लेकर 600 रुपये तक की पोशाकें हैं। साथ ही 5 रुपये से शुरू होकर 300 रुपये तक के सुंदर मुकुट भी उपलब्ध हैं।
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कान्हा की पोशाक
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राजामंडी के विक्रेता संजय जैसवानी ने बताया कि भगवान के शृंगार का पूरा विशेष सेट भी दुकानों पर मिल रहा है। लगभग 100 रुपये के इस सेट में कान्हा के लिए कुंडल, कंगन, गले का हार, बांसुरी और मोरपंख शामिल हैं। इसकी काफी मांग है। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को कान्हा के रूप में सजाने के लिए भी सामग्री खरीदने आ रही हैं। बच्चों की कान्हा वाली पोशाक, बांसुरी और मुकुट की काफी बिक्री हो रही है।
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कान्हा की पोशाक
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बेटे की यह पहली जन्माष्टमी
बिचपुरी निवासी सविता का कहना है कि बेटे की यह पहली जन्माष्टमी है। उसे पहली बार कान्हा का रूप दूंगी, जिसके लिए पोशाक, मुकुट और बांसुरी खरीदी है। घर में लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना कर त्योहार धूमधाम से मनाएंगे।
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कान्हा की पोशाक
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मंटोला निवासी पूजा ने कहा कि बच्चे की पहली जन्माष्टमी को यादगार बनाने की तैयारी की है। लड्डू गोपाल की पूजा के साथ-साथ बेटे का केक काटकर जन्माष्टमी का उत्सव मनाएंगे।