चंबल नदी में भयंकर बाढ़ आ गई है। बुधवार सुबह सात बजे धौलपुर में चंबल का जलस्तर खतरे के निशान से 11.85 मीटर, जबकि आगरा के पिनाहट में दो मीटर ऊपर पहुंच गया। अभी भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह के मुताबिक चंबल नदी में सुबह 15 लाख क्यूसेक पानी की आवक है। धौलपुर में खतरे का निशान 130 मीटर है, यहां जलस्तर 141.85 मीटर हो गया है। इधर, पिनाहट में लाल निशान 130 मीटर है। चंबल नदी यहां 132 मीटर पर पहुंच गई है। चंबल में सुबह 15 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज है, जिससे बाह और पिनाहट के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 17 से अधिक गांवों का संपर्क बाह तहसील और जिला मुख्यालय से कट गया है। स्कूल, खेत-खलिहान और घरों में पानी भरने लगा है। पुलिस और प्रशासन के साथ राहत बचाव कार्यों में विभिन्न विभागों की टीमों को लगाया गया है। प्रभावित गांवों के लोगों को विस्थापित कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
चंबल में बाढ़: खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर पहुंचा नदी का जलस्तर, कई गांवों में भरा पानी, स्कूल भी डूबे
निकाले जा रहे लोग
बाह व पिनाहट के 17 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। रास्ते जलमग्न हैं। खेत-खलिहान डूब गए हैं। स्कूलों में पानी भरने लगा है। बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित व ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि प्रधानों के माध्यम से गांव-गांव मुनादी कराई जा रही है। स्कूल बंद कर दिए हैं। टीमों ने गांवों में डेरा डाल लिया है। बाह तहसील में कंट्रोल रूम खोला है।
इन गांवों में बाढ़ का खतरा
बाह के 10 गांवों मऊ की मढै़या, गोहरा, रानी पुरा, भटपुरा, गुढ़ा, झरना पुरा, डगोरा, कछियारा, रेहा, उमरैठापुरा का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। चंबल नहर के पंप हाउस को बचाने के लिए दीवार बनाई गई है। वहीं, पुरा शिवलाल, पुरा डाल, पुरा भगवान, धांधू पुरा, बीच का पुरा, कएडी, जगतूपुरा, कुंवर खेड़ा, बासौनी, जेबरा, कमौनी, उदयपुर खुर्द, खेड़ा राठौर, महुआशाला, नंदगवां, बाघराज पुरा, कोरथ आदि 17 गांवों में पानी भर गया है। एसडीएम रतन वर्मा ने बताया कि मंसुखपुरा, पिनाहट, उमरैठा, बासौनी, खेड़ा राठौर, नंदगवां, सिमराई, पुरा भगवान सहित 38 गांव में बाढ़ का खतरा है।
चार गांवों की बिजली काटी
चंबल नदी में आए उफान के पानी में बिजली के पोल भी डूब गए हैं। एसडीओ जैतपुर मनमोहन शर्मा ने बताया कि एहतियातन देवपुरा फीडर के गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा तथा अभयपुरा फीडर के गुढ़ा गांव की बिजली काट दी गई है। अंधेरे में डूबे इन गांवों के लोगों को वन्यजीवों के हमले का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के पानी के साथ घड़ियाल, मगरमच्छ, सांप आदि गली और घरों तक आ जाते हैं। बाढ़ के पानी से ग्रामीणों को रात में दीवार व छत गिरने की चिंता भी सता रही है।