मैनपुरी के थाना बिछवां क्षेत्र में पुलिस द्वारा मुठभेड़ में पकड़ा गया 50 हजार का इनामी अपराधी का गैंग लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम देता था। वर्ष 2017 में नोएडा में एक डकैती के दौरान लोन दिलाने वाले एक व्यक्ति सहित तीन लोगों की हत्या की गई थी। इसके अलावा जनपद पुलिस को भी आरोपी की तलाश थी।
शुक्रवार को बिछवां पुलिस द्वारा करीमगंज के पास मुठभेड़ में पकड़ा गया बरनाहल क्षेत्र के गांव भदौलपुर निवासी दीवान उर्फ पुनीत जनपद के दन्नाहार, बरनाहल, करहल थाना पुलिस के अलावा फिरोजाबाद, नोएडा पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि दीवान ने वर्ष 2017 में अपने गैंग के यादवेंद्र उर्फ मोना, गौरव, संदीप उर्फ सनी, अजीत आदि के साथ नोएडा के फेस-3 में एक लोन दिलाने वाले शख्स के पास 50 लाख रुपये होने की सूचना पर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन इस दौरान फायरिंग हो गई थी, इसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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घटनास्थल पर पहुंचे एसपी कमलेश दीक्षित
- फोटो : अमर उजाला
इस घटना को लेकर फेस-3 थाना में डकैती, हत्या, जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। गैंग में शामिल दीवान के अन्य साथी भी बरनाहल क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
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मौके पर पड़ा तमंचा
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शहर में घूम रहा था खुलेआम
शातिर अपराधी दीवान जिसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित था। वह शहर में खुलेआम बाइक से घूम रहा था, लेकिन सदर कोतवाली पुलिस, स्वॉट टीम को इसकी भनक भी नहीं लग सकी।
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एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
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मुखबिर से मिली थी सूचना
वहीं बिछवां पुलिस के सक्रिय मुखबिर तंत्र ने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया। समय रहते इनामी अपराधी की क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना पुलिस तक पहुंचा दी। समय पर सूचना मिलने की वजह से दीवान पकड़ में आ सका। ये कार्रवाई थानाध्यक्ष बिछवां के लिए बड़ी कामयाबी से कम नहीं है।
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घायल बदमाश दीवान सिंह
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मार्ग के दोनों ओर थम गए वाहनों के पहिए
करीमगंज के पास पुलिस ने इनामी अपराधी को घेर लिया था, इस दौरान दोनों ओर से फायरिंग हो रही थी। गोलियां चलने की आवाज सुनकर गांव के लोग घरों से बाहर आ गए। वहीं राहगीर भी आवाज सुनकर ठहर गए। कुछ लोग जल्दबाजी कर मार्ग से निकलने की कोशिश करने लगे तो मुठभेड़ स्थल के आसपास तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। मुठभेड़ खत्म होने के बाद मार्ग का आवागमन सुचारू हो सका।