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Mainpuri Bypoll: 'अपनों' को भूल शाक्य मतदाताओं को लुभाने में जुटी सपा-भाजपा, जानिए मैनपुरी का जातीय समीकरण

Thu, 17 Nov 2022 01:28 PM IST
मुकेश कुमार ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 17 Nov 2022 01:28 PM IST
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Mainpuri By-Election 2022 Samajwadi Party and BJP engaged in wooing Shakya voters in Mainpuri
भाजपा और सपा के चिन्ह - फोटो : अमर उजाला

मैनपुरी लोकसभा सीट के लिए सियासी संग्राम हो रहा है। इसमें मुकाबला सपा और भाजपा में है। दोनों ही दल अपने वोट बैंक को भुलाकर शाक्य मतदाताओं को लुभाने की जुगत में हैं। मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इसमें मैनपुरी जिले की सदर, भोगांव, किशनी और करहल विधानसभा सीट शामिल है। वहीं इटावा जिले की जसवंत नगर विधानसभा सीट भी मैनपुरी लोकसभा सीट का ही हिस्सा है। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। इसमें सपा की ओर से डिंपल यादव प्रत्याशी हैं तो भाजपा ने पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं बसपा और कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। 



दोनों दल इन दिनों शाक्य मतदाताओं को लुभाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। भाजपा बीते कई चुनावों में शाक्य प्रत्याशी को उतारकर जीत के लिए प्रयोग करती आ रही है। लेकिन इसके बाद भी अब तक भाजपा ने कभी मैनपुरी लोकसभा सीट पर जीत का स्वाद नहीं चखा। 

Mainpuri By-Election 2022 Samajwadi Party and BJP engaged in wooing Shakya voters in Mainpuri
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आलोक शाक्य - फोटो : अमर उजाला
सपा ने मैनपुरी उपचुनाव से ठीक पहले पूर्व मंत्री आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष बनाकर बड़ा दांव खेला। इसके बाद भाजपा ने इटावा निवासी पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य को ही मैदान में उतारा है। कहीं न कहीं शाक्य प्रत्याशी को उतारने के पीछे भाजपा का उद्देश्य भी शाक्य वोट हासिल करना है। 
Mainpuri By-Election 2022 Samajwadi Party and BJP engaged in wooing Shakya voters in Mainpuri
सपा प्रत्याशी डिंपल यादव, भाजपा प्रत्याशी रघुराज शाक्य - फोटो : अमर उजाला
इस बीच सपा और भाजपा अपने कोर वोट बैंक के साथ ही अन्य वोट बैंक को बिल्कुल नजरअंदाज किए हुए हैं। मतदाताओं की इस पर पैनी नजर है। अन्य में आने वाले मतदाताओं को इसका डर भी सता रहा है। हालांकि नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 18 से चुनाव प्रचार शुरू होगा, जिसमें दोनों दलों का नजरिया साफ हो जाएगा। लेकिन केवल शाक्य मतदाताओं को लुभाकर किसी की भी नैया पार होने वाली नहीं है। 
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Mainpuri By-Election 2022 Samajwadi Party and BJP engaged in wooing Shakya voters in Mainpuri
सपा मुखिया अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला

सपा के लिए एमवाई के साथ अन्य वोटर भी अहम 

समाजवादी पार्टी के लिए एमवाई यानी मुस्लिम और यादव वोट हमेशा से अहम माना जाता है। इस पर मुलायम सिंह यादव के समय से ही सपा का राज है। लेकिन पाल, कठेरिया और कश्यप वोट भी लाखों में हैं। ऐसे में इस वोट बैंक को साधे बिना उपचुनाव में जीत हासिल करना इतना आसान नहीं होगा। भाजपा की अगर बात करें तो उनके लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय और लोधी वोट बैंक आरक्षित माना जाता है। ऐसे में भाजपा को जीत के लिए बची हुई अन्य जातियों का वोट हासिल करना होगा।
 
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Mainpuri By-Election 2022 Samajwadi Party and BJP engaged in wooing Shakya voters in Mainpuri
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

बसपा के वोट बैंक को भूले प्रत्याशी 

मैनपुरी लोकसभा सीट के उपचुनाव में बसपा ने अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। जाटव वोट हमेशा से ही बसपा का वोट बैंक माना जाता है। लोकसभा मैनपुरी क्षेत्र में सवा लाख से अधिक जाटव वोट है। ऐसे में ये वोट बैंक निर्णायक सिद्ध हो सकता है। लेकिन क्या सपा और क्या भाजपा दोनों ही इस वोट बैंक को भूले हुए हैं। 
 
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