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Mainpuri By-Election 2022: डिंपल यादव ने पहले संभाली पति की विरासत, अब ससुर की कर्मभूमि पर करेंगी सियासत
Sat, 12 Nov 2022 06:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
ज्योत्यवेंद्र दुबे, मैनपुरी
ज्योत्यवेंद्र दुबे, मैनपुरी
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 12 Nov 2022 06:00 AM IST
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मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव, अखिलेश यादव व डिंपल यादव
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Mainpuri By-Election 2022: डिंपल यादव ने सियासत की गलियों में अपना पहला कदम पति अखिलेश यादव द्वारा छोड़ी गई फिरोजाबाद सीट से 2009 के लोकसभा चुनाव में रखा था। वे सीट तो नहीं जीत पाईं, लेकिन इस चुनाव से उन्होंने सियासी दाव पेंच जरूर सीखे। अखिलेश ने जब दोबारा कन्नौज लोकसभा सीट छोड़ी तो डिंपल को इसका फायदा भी मिला। पति की विरासत संभालने के बाद अब डिंपल अपने ससुर मुलायम सिंह की कर्मभूमि मैनपुरी में सियासत करेंगी। मैनपुरी उपचुनाव का परिणाम भी अब उनके आगे सियासी सफर का निर्णय करेगा।
डिंपल यादव (फाइल)
डिंपल यादव ने पहली बार 2009 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर उप चुनाव में ही राजनीति में कदम रखा था। तब अखिलेश यादव फिरोजाबाद और कन्नौज दो जगह से निर्वाचित हुए थे और उन्होंने फिरोजाबाद सीट छोड़ दी थी। डिंपल राजनीति में नई थीं, जिसका खामियाजा भी उन्हें अपनी हार से चुकाना पड़ा। कांग्रेस प्रत्याशी और अभिनेता राज बब्बर ने उन्हें 85343 वोट से हराकर जीत हासिल की।
डिंपल यादव
- फोटो : self
इसके बाद 2012 में जब अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो फिर कन्नौज लोकसभा सीट भी खाली हो गई। यहां से फिर दोबारा डिंपल यादव मैदान में उतरीं, लेकिन कोई प्रतिद्वंद्वी न होने से उन्होंने निर्विरोध सांसद का ताज हासिल किया। इस बारे में भी तरह-तरह की चर्चाएं हुईं, लेकन जीत तो आखिर जीत थी। इसके बाद डिंपल भी राजनीति की मंझी हुई खिलाड़ी बन चुकी थीं। 2014 में भी लोकसभा चुनाव में कन्नौज सीट से उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक को पटखनी देकर जीत हासिल की।
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डिंपल यादव (फाइल फोटो)
हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने कन्नौज सीट पर उन्हें 12353 वोटों के करीब मुकाबले से शिकस्त दे दी। अब वही डिंपल अपने ससुर और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि मैनपुरी से चुनावी मैदान में हैं। पति की विरासत पर अपनी धाक जमा चुकीं डिंपल अब ससुर की विरासत पर सियासत करेंगी। ये सियासत ही अब मैनपुरी के सपाई दुर्ग का भविष्य तय करेगी।
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अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला