मां और बहनों का कत्ल करने वाले अरशद का अमानवीय चेहरा उसके मोहल्ले वालों ने पहले भी कई बार देखा है। अरशद छह साल पहले बीमारी से मरने वाली अपनी सौतेली बहन फरहीन को वह घर में ही दफनाने पर आमादा था। घर के अंदर कब्र तक खोदने लगा था। पड़ोसियों ने समझाने की कोशिश की तो पिता बदरुद्दीन ने जवाब दिया कि जनाजा उठाने के लिए चार लोग चाहिए, घर में कोई और है ही नहीं। इसके बाद पड़ोसी और मोहल्ले के लोगों ने पिता-पुत्र को समझाया, तब जाकर फरहीन को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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अरसद की सास
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
2014 में कश्मीरी लड़के से की थी शादी
अरशद के पड़ोस में रहने वाली फातिमा ने बताया कि उसके पिता बदरुद्दीन ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी से पैदा हुई बेटी फरहीन टेढ़ी बगिया स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में काम करती थी। वहां उसे एक कश्मीरी लड़के से प्यार हो गया था। 2014 में उसने उससे शादी कर ली। शादी के बाद वह लड़के साथ चली गई। दो साल बाद तलाक के बाद वह घर लौट आई थी।
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अरसद की बहनें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह दर्द से चीखती थी..
घर वापस आने के बाद अरशद ने उसके घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी थी। धीरे-धीरे फरहीन की तबीयत खराब हो गई। उसके पूरे शरीर पर गहरे घाव हो गए थे। वह दर्द से चीखती थी तो पूरे मोहल्ले वाले लोग सुनते थे। इसी दर्द से जूझते हुए उसकी हालत काफी बिगड़ गई और बाद में उसने दम तोड़ दिया।
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अरसद के पड़ोसी
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पुलिस पहले ही कार्रवाई करती तो नहीं होती इतनी बड़ी घटना
इस्लाम नगर में बदरुद्दीन और अरशद का पड़ोसियों से दो दिन पहले विवाद हुआ था। मामले में पुलिस से शिकायत की गई थी। घटनास्थल पर पीआरवी भी पहुंची। चौकी पर भी दोनों पक्ष पहुंचे। मगर, पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की। दोनों को राजीनामा हो गया। इस पर अरशद का परिवार घर से चला गया। बदरुद्दीन ने अपने शिकायती पत्र में पुलिस कार्रवाई न होने की बात भी लिखी है।
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असद के घर के बाहर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत पर थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने 23 दिसंबर 2024 को संज्ञान भी लिया। पत्र मिलने पर पुलिस ने उन्हें काल किया। मगर, अरशद और उसके परिजन नहीं मिले। तब तक पुलिस उनके आने का इंतजार कर रही थी। मोहल्ले के लोगों का कहना था कि पहले दिन ही कार्रवाई हो जाती तो इतनी बड़ी घटना सामने नहीं आती।