{"_id":"5b8aaaf042c792466578ce1f","slug":"krishna-janmashtami-2018-shubh-muhurat-time-puja-vidhi-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कृष्ण जन्माष्टमी 2018: वर्षों बाद बन रहा अद्भुत संयोग, श्रीमद्भागवत में इस खगोलीय घटना का जिक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृष्ण जन्माष्टमी 2018: वर्षों बाद बन रहा अद्भुत संयोग, श्रीमद्भागवत में इस खगोलीय घटना का जिक्र
Sun, 02 Sep 2018 08:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 02 Sep 2018 08:14 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
krishna janmashtami 2018
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाने के लिए मथुरा नगरी सज धजकर तैयार हो गई है। भक्तों के आने का सिलसिला जारी है। इस बार जन्माष्टमी पर अद्भुत संयोग बना है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तीन सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पर ठीक वैसा ही संयोग बना है, जैसा द्वापर युग में कान्हा के जन्म के समय बना था। इस अद्भुत संयोग को कृष्ण जयंती के नाम से जाना जाता है।
कृष्ण जन्माष्टमी 2018: वर्षों बाद बन रहा अद्भुत संयोग, श्रीमद्भागवत में इस खगोलीय घटना का जिक्र
2 of 5
जन्माष्टमी के संयोग और नक्षत्र गड़बड़ाए
द्वापर युग में चंद्रवंशी श्रीकृष्ण के जन्म के समय हुई खगोलीय घटना इस बार भी तीन सितंबर को फिर घटित होगी। जहां एक ओर आकाश में चंद्रमा का उदय होगा, वहीं दूसरी ओर ब्रज में कान्हा का प्राकट्य मनाया जाएगा। श्रीकृष्ण के जन्म के साथ जुड़ी इस घटना का उल्लेख श्रीमद्भागवत के दसवें स्कंध में भी देखने को मिलता है।
कृष्ण जन्माष्टमी 2018: वर्षों बाद बन रहा अद्भुत संयोग, श्रीमद्भागवत में इस खगोलीय घटना का जिक्र
3 of 5
krishna janmashtami 2018
श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति के संस्थापक पंडित अमित भारद्वाज बताते हैं कि प्रतिवर्ष दोनों ही घटनाएं एक साथ घटित होती हैं। इस वर्ष तीन सितंबर को भी अर्धरात्रि में चंद्रमा का उदय होगा। इस दिन चंद्रोदय का समय स्थानीय समयानुसार रात्रि 12 बजकर 5 मिनट रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कृष्ण जन्माष्टमी 2018: वर्षों बाद बन रहा अद्भुत संयोग, श्रीमद्भागवत में इस खगोलीय घटना का जिक्र
4 of 5
krishna janmashtami 2018
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि द्वापर में जब कान्हा का जन्म हुआ, वो दिन बुधवार का रहा। हालांकि इस वर्ष कान्हा सोमवार को जन्म लेंगे। बुध को चंद्रमा का पुत्र माना जाता है। इसी कारण नारायण ने चंद्रमा के वंशज के रूप में बुधवार को ही जन्म लिया।
विज्ञापन
कृष्ण जन्माष्टमी 2018: वर्षों बाद बन रहा अद्भुत संयोग, श्रीमद्भागवत में इस खगोलीय घटना का जिक्र
5 of 5
इस्कॉन मंदिर में 14 से 16 तक जन्माष्टमी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
रोहिणी को चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी व सबसे प्रिय नक्षत्र की संज्ञा दी गई है। इसी के दृष्टिगत कान्हा ने भी रोहिणी नक्षत्र में जन्म लिया। स्पष्ट है कि एक पूर्व नियोजित व व्यवस्थित वातावरण में श्रीहरि विष्णु बालकृष्ण के रूप में अवतरित हुए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।