बरसाना में राधारानी की मां के पहले कीर्ति मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है। गुरुवार की सुबह छह बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। वसंती परिधान से सुसज्जित 5100 श्रीराधा भक्त और कृपालु महाराज के अनुयायी बैंडबाजे, ढप, झांझ, मझीरे के साथ संकीर्तन करते हुए सिर पर मंगल कलश लेकर अनुशासित तरीके से गाजीपुर के प्रेम सरोवर पहुंचे। विभिन्न राज्यों की अलग-अलग टोलियां अपना लोकनृत्य करती चलीं।
जगदगुरु कृपालु महाराज की तीनों पुत्रियां डॉ. श्यामा त्रिपाठी, डॉ. विशाखा त्रिपाठी, डॉ, कृष्णा त्रिपाठी जनसमहू का नेतृत्व करती आगे चल रहीं थीं। कलशों में वेद मंत्रों के साथ सरोवर का जल भरा गया। कीर्ति मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व सरोवर के जल से शुद्धिकरण किया गया। कलश यात्रा में हजारों स्थानीय श्रद्धालु जुड़़ते चले गए।
कलश यात्रा के दौरान पूरा वृषभानुपर राधे-राधे और कीर्ति मैया के जयकारों से गूंज उठा। शाम चार बजे श्रद्धालुओं का जत्था विश्व प्रसिद्ध श्रीजी मंदिर पहुंचा। श्रद्धालुओं ने श्रीजी की परिक्रमा की। मंदिर खुलते ही कृपालु महाराज की तीनों पुत्रियों ने राधारानी को मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण दिया। सेवायतों ने तीनों का स्वागत किया तथा निमंत्रण स्वीकार किया।
कीर्ति मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में देश-विदेश के 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
बरसाना और गाजीपुर को दुल्हन की तरह सजाया गया। जगह-जगह प्रवेश द्वार बनाए गए।